रूस की राजधानी मास्को में दो दिवसीय डिफेंस टेड्र कांफ्रेंस 6 नवंबर को सम्पन्न हो गई। अलीगढ़ से फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स फिम के अध्यक्ष एवं अलीगढ़ के प्रमुख निर्यातक धनजीत वाड्रा इस कांफ्रेंस में शामिल हुए। वह केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मास्को गए रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे।
धनजीत वाड्रा ने बताया कि केंद्रीय मंत्री अभी सात नवंबर तक वहां रहेंगे और रक्षा उत्पादन इकाइयों से संपर्क कर भारत में रक्षा उत्पादन निवेश बढ़ाने का प्रयास करेंगे। वाड्रा ने बताया कि रूस की रक्षा उत्पादन कंपनियों के प्रतिनिधियों से बैठक हुई है। लड़ाकू मिग विमान बनाने वाली कंपनी के साथ कलपुर्जे बनाने की भी बात हुई है।
अलीगढ़ में भी ताला और हार्डवेयर इंडस्ट्री में रूस की कंपनियां निवेश की इच्छुक हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी जल्दी ही अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर की भूमि पूजन करने का अनुरोध स्वीकार कर लिया है। वह जल्द ही यहां आएंगे।
इस कांफ्रेंस में रूस के इंडस्ट्री एवं ट्रेड मंत्री डेनिस मैनट्रोव, रूस में भारत के राजदूत डीबी वेकेंटेश, भारत के रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार इस दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए। रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि मंडल में रक्षा उत्पादन सचिव सुभाष चंद्र, रक्षा उत्पादन के सह सचिव संजय जाजू, रक्षा उपकरण सलाहकार कर्नल जेके शर्मा, फ ीकी के सचिव विवेक पंडित सहित अन्य उद्यमी शामिल थे।
एक्सपोर्टर वाड्रा ने बताया कि अलीगढ़ में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना को लेकर जमीन चिह्नित करने और अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब वहां आधारभूत ढांचे का विकास करने की जरूरत है, जो काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने भरोसा दिलाया है कि वह जल्द ही अलीगढ़ आएंगे और यहां इसकी स्थापना को आगे बढ़ाएंगे।
रूस से रक्षा उत्पादन को लेकर तकनीकी सहयोग भी दिलवाएंगे। जिससे उद्यमियों को यहां अपने स्तर पर उत्पादन करने में मदद मिल सके। गौर हो कि यूपी इनवेस्टर्स सम्मिट में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना का एलान हुआ था। इसके बाद अलीगढ़ में इसको लेकर दो उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। अब इसकी स्थापना जारी है। धनजीत के साथ उनके बेटे धनदेव वाड्रा ने भी रूस में उद्यमियों से बात कर वहां के उत्पादन के तौर तरीकों और तकनीकी को जाना और समझा।