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ये है डीडीयू अस्पताल: यहां ना आएं दिल, दांत और कान के बीमार, तीन साल से नहीं है इनके चिकित्सक

Sat, 30 Nov 2024 01:36 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

डीडीयू अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200-1500 मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी है। यह स्थिति कोई एक दो महीने से नहीं बल्कि तीन साल से चिकित्सक नहीं हैं।
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दीनदयाल अस्पताल में मरीज - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल अलीगढ़ के बड़े अस्पतालों में शामिल हैं। लेकिन बदहाल व्यवस्था के चलते यहां लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। यहां न तो चेस्ट फिजिशियन है, न ही डेंटिस्ट। कॉर्डियोलॉजिस्ट और ईएनटी भी नहीं हैं। ऐसे में लोगों को प्राइवेट नर्सिंग होम की दौड़ लगानी पड़ती है। जिससे लोगों को सस्ता इलाज नहीं मिल पा रहा था। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में चिकित्सकों की तैनाती के लिए शासन से मांग की जा रही है।

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डीडीयू अस्पताल में भी मोहनलाल गाैतम महिला जिला अस्पताल की तरह मरीज के ऑपरेशन के दौरान मलखान सिंह जिला अस्पताल से एनेस्थीसिया डॉक्टर को बुलाया जाता है। डीडीयू अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200-1500 मरीज आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी है। यह स्थिति कोई एक दो महीने से नहीं बल्कि तीन साल से चिकित्सक नहीं हैं। लेकिन इस पर फिर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।

बोले मरीज

आंखों का ऑपरेशन कराने के लिए आए थे। मगर डॉक्टर नहीं मिले। मुझसे बोला गया कि डॉक्टर का इंतजार करें।-योगेश कुमार, डिबाई

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बच्चे की सांस में दिक्कतें थीं, जिसे दिखाने के लिए सुबह 8 बजे अस्पताल आई थीं। दोपहर 2 बजे गए, लेकिन डॉक्टर नहीं आए। -उर्मिला, मंदिर का नगला
सुबह आठ बजे से 2:30 बजे तक डॉक्टर का इंतजार करने के बाद डॉक्टर ने देखा। ऑपरेशन के इंतजार में बैठना पड़ रहा है।-बिट्ठा देवी, बरौठा
ओपीडी में जिस तरह मरीजों की तादाद होती है, उस हिसाब से डॉक्टरों की कमी है। शासन को डॉक्टरों की तैनाती के लिए पत्र लिखा जा चुका है।-डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, डीडीयू अस्पताल

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