ग्रामीण क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा शहरी क्षेत्र में तब्दील हुआ है। हर साल छह प्रतिशत की दर से आबादी बढ़ रही है। शहर के मध्य भाग यानी वार्ड संख्या पांच 67, 70 और उत्तरी भाग वार्ड 53, 68 व 69 में आवासीय और जनसंख्या की दर उच्च घनत्व वाले स्तर पर पहुंच गई है। बढ़ती आबादी की जरूरत पूरा करने के लिए भूउपयोग में परिवर्तन किए जा रहे हैं।
खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा वायु प्रदूषण
एएमयू के पूर्व छात्र एवं वायु गुणवत्ता विशेषज्ञ डाक्टर आशीष शर्मा ने बताया कि स्थानीय स्तर पर जलवायु में परिवर्तन हो रहे हैं और वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है। डाक्टर दानिश खान के एक शोध का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि अलीगढ़ के वनस्पति आवरण (हरियाली) में 24 प्रतिशत तक की कमी आई है और इससे भूमि के सतह के तापमान 11 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की एक रिपोर्ट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक पराली जलाने वालों जिलों में अलीगढ़ भी शामिल है। हाल ही में अलीगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए हरित और स्वच्छ अलीगढ़ बनाने की जरूरत है। आशीष शर्मा अलीगढ़ के रहने वाले हैं और सरे विवि यूके में वायु प्रदूषण के प्रभावों पर शोध कर चुके हैं।
आर्द्रता
जुलाई, अगस्त और सितंबर (वर्षा ऋतु) के महीनों में उच्च सापेक्ष आर्द्रता थी, जबकि मार्च, अप्रैल के महीनों में कम आर्द्रता थी। सर्दियों में भी उच्च आर्द्रता देखी गई। शहर में सबसे कम आर्द्रता वर्ष 2000 और सबसे ज्यादा 2010 में देखी गई। औसत वार्षिक सापेक्ष आर्द्रता 44.75% है, इसके मुकाबले अधिकतम वार्षिक आर्द्रता 55.75 प्रतिशत तक पहुंची है।
जमीन के पास दस मीटर की ऊंचाई पर हवा की गति पर अध्ययन किया गया। 1990 और 2020 के बीच अलीगढ़ में औसत हवा की गति 2.5 से 3.5 मीटर/सेकेंड के बीच थी।1995 से 2000 के बीच हवा स्थिर थी, इसके बाद 2010 तक इसमें कमी देखी गई। हवा की मासिक गति के आंकड़ों में जनवरी, फरवरी और जून के महीनों दस प्रतिशत की गिरावट देखी गई। मार्च और मई के महीनों यह एक प्रतिशत कम थी। अगस्त से दिसंबर के महीनों में दस प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। पूरे साल में पांच प्रतिशत की गिरावट थी।
2005 में 48.71 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था तापमान
जलवायु परिस्थितियों के पंचवर्षीय मूल्यांकन से पता चला है कि अलीगढ़ शहर का न्यूनतम तापमान 1990-1995 के दौरान स्थिर था। 2000 के दौरान इसमें कमी देखी गई। 2005 में इसमें वृद्धि देखी गई और 48.71 तक पहुंच गया। वर्ष 2020 को कम तापमान के कारण सबसे ठंडा वर्ष माना गया। गर्मियों के दिनों में अलीगढ़ शहर का अधिकतम औसत तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रहता है। पूरे साल में न्यूनतम तापमान तीन से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। वार्षिक औसत न्यूनतम तापमान 2.88 डिग्री सेल्सियस है। इसमें 3.04 डिग्री सेल्सियस का विचलन देखा गया।
सबसे अधिक वर्षा जुलाई और अगस्त के महीनों में देखी गई। नवंबर और दिसंबर के महीने में सबसे कम वर्षा हुई है। 2010 में सबसे अधिक 910 मिमी, 2019 में 556 एमएम वर्षा हुई थी। औसत वार्षिक वर्षा 720.05 मिमी है। औसत वर्षा में कमी का ट्रेंड देखा गया है।
शोध की खास बात
- बढ़ते शहरीकरण से बदल रहा मौसम चक्र
- एएमयू के शोध में हुआ 30 महानगर में हो रहे जलवायु परिवर्तनों का खुलासा
- जनवरी और मई में जब मौसम शुष्क होना चाहिए, तब अलीगढ़ वातावरण में नमी देखी गई
- हवा की गति और वाष्पीकरण कम होने को अलीगढ़ में बारिश कम होने की एक वजह माना
- तापमान और आर्द्रता में हो रही वृद्धि
- बारिश और हवा की गति कम हुई
- 2918 हेक्टेयर खाली भूमि पड़ी है
- 90 हेक्टेयर की कमी वन क्षेत्र में आई