अलीगढ़ के क्वार्सी क्षेत्र के जाकिर नगर में खुद के कत्ल की साजिश के संदेह में मां-बाप का कत्ल करने के आरोपी एएमयू छात्र की जेल में आत्महत्या की अफवाह उड़ गई। यह अफवाह पुलिस तक पहुंच गई। मगर जब सब सामान्य मिला तो सभी ने राहत महसूस की।
मूलरूप से मीरापुर मीरगंज थाना स्वार रामपुर के रहने वाले 60 वर्षीय इमाम इशहाक अली और 57 वर्षीय शहजादी बेगम की बुधवार रात को उनके ही दूसरे नंबर के बेटे गुलामुईउद्दीन ने कैंची से गोदकर हत्या कर दी थी। रात में ही मौके से पकड़े गए आरोपी पुत्र को बृहस्पतिवार को जेल भेजा गया। हालांकि उसे लगातार जेल में निगरानी में रखा जा रहा है। मगर रात में उसकी आत्महत्या की अफवाह फैल गई और यह अफवाह जेल से बाहर आ गई। इस सूचना पर सीओ तृतीय ने जेल अधीक्षक से वार्ता की। मगर बातचीत के बाद सच्चाई जानने पर मामला फर्जी पाया गया। तब जाकर सभी ने राहत महसूस की।
इधर, इस वाकये के बाद कारागार प्रशासन ने उसकी निगरानी और बढ़ा दी है। उसकी निगरानी में एक बंदी रक्षक को अलग से लगा दिया है। अब उसका मानसिक परीक्षण कराया जाएगा। कारागार अधीक्षक ब्रजेंद्र यादव ने बताया कि आत्महत्या की फर्जी अफवाह पता नहीं कैसे फैली थी। सीओ के अनुसार उसे कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है।
माता-पिता की मौत और उनके कत्ल के आरोप में भाई के जेल जाने के बाद घर में अकेले बचे तीन बच्चों के सामने पालन पोषण तक का संकट आ गया है। वे इस सदमे से अभी उबर नहीं पा रहे हैं। छोटे दो बच्चों 16 वर्षीय बेटी बुशरा और 12 साल के बेटे गुलाम मुस्तफा की तबीयत ठीक नहीं है। दोनों सदमे में हैं। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि उनका जीवन यापन अब कैसे होगा।