पत्रकारों से वार्ता करते स्वामी आनंद स्वरूप महाराज, महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती।
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शांभवी पीठाधीश्वर एवं धर्म संसद के संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में लोकसभा में हिंदू राष्ट्र पर बहस संभव नहीं है। वहां हिंदुओं के विपरीत वातावरण है। हिंदू राष्ट्र पर बहस के लिए धर्म संसद से बेहतर कोई अन्य विकल्प नहीं है।
स्वामी आनंद सोमवार को नौरंगाबाद, बी दास कंपाउंड स्थित सनातन भवन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्म संसद में पूर्ण लोकतंत्र है। जहां सभी संतों को बोलने की छूट है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने उन्हीं विषयों को उठाया है, जिन विषयों को कांग्रेस ने उठाया था।
धर्म संसद में ही प्रश्न उठेेंगे कि हिंदुत्व की दिशा क्या होनी चाहिए। धर्म संसद विचारधारा की खुली सभा है। जिसमें स्वीकृति लेकर कोई अपनी बात कह सकता है। उन्हाेंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी और मोहन भागवत का हिंदुत्व हिंदुत्व है या हमारे धर्माचार्यों के विचारों से संबंधित तथ्य भी हिंदुत्व है। इस विषय पर भी धर्म संसद में चर्चा होती है। महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती ने कहा कि अहिंसा हमारा परम धर्म है, लेकिन धर्म बचाने के लिए हिंसा करना भी हमारा सर्वोपरि धर्म है। हिंदुत्व की रक्षा करने के लिए धार बदलनी पड़ेगी। जो लोग धर्म संसद का विरोध कर रहे हैं, वह हिंदू नहीं हैं। इस अवसर पर सागर सिंघु जी महाराज, कवि वेद प्रकाश, हरिशंकर शर्मा, राजीव भोला, शुभम अग्रवाल, अभिषेक गुप्ता आदि मौजूद थे।