मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की एक बैठक कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें अलीगढ़ मंडल के समस्त जनपदों के पुलिस-प्रशासनिक, परिवहन लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, परिवहन निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि प्रदेश में घटित सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या का विगत वर्ष के सापेक्ष तुलनात्मक श्रेणी में हाथरस जनपद का तीसरा स्थान (-15.7 प्रतिशत), एटा का चौथा स्थान (-14.9 प्रतिशत) है। हाथरस एवं एटा जनपद में मृतकों की संख्या में विगत वर्ष के सापेक्ष 10 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। जनपद कासगंज का 29 वां एवं अलीगढ़ में 31वां स्थान प्राप्त किया है। श्रेणी में अलीगढ़ मंडल में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अलीगढ़ में 11 ब्लैक स्पॉट्स, हाथरस में 08, एटा में 07 ब्लैक स्पॉट्स चिह्नित किए गए हैं। अलीगढ़-पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-334 डी पर गति अवरोधक, आबादी क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड, रम्बल स्ट्रिप आदि लगाए जाने, कस्बा खैर एवं जट्टारी में गड्ढों को समतल किए जाने निर्देश दिए गए। केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से हिट एंड रन मोटरयान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर स्कीम लागू की गई है, जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति को किसी वाहन द्वारा टक्कर मार दी जाती है और वाहन की पंजीयन संख्या ज्ञात नहीं हो पाती है तो दुर्घटना में मृत्यु की दशा में दो लाख रुपये, गंभीर घायल की दशा 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्राविधान है।
संबंधित एसडीएम की जांच के बाद डीएम स्तर से राहत धनराशि की संस्तुति की जाएगी। कस्बा जवां के अमन अग्रवाल को तीन बार दुर्घटना में गंभीर घायल व्यक्ति को गोल्डेन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाए जाने पर 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया। सड़क दुर्घटनाओं के उन मामलों में जहां किसी वाहन का चालक दुर्घटना का दोषी पाया जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जाए। जनवरी से अक्तूबर माह तक ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट 1,45,468, सीटबेल्ट पर 16,241,गलत दिशा में ड्राइविंग पर 4,195, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग में 2,955, नशे में ड्राइविंग के 55, खतरनाक ढंग से ड्राइविंग के 32, रेड लाइट जंपिंग के 1,12,636 एवं ओवरस्पीड या खतरनाक गति से ड्राइविंग के 23, 644 मामलों समेत 3,05,226 चालान किए गए हैं। तय हुआ कि महाविद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन किया जाएगा। रोड सेफ्टी क्लब के संचालन एवं विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए प्रति क्लब पांच हजार रुपये की धनराशि सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ, परिवहन विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी। कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि 15 वर्ष से अधिक अवधि की स्कूल बसों का संचालन न किया जाए। विद्यालयों में विद्यार्थियों से शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक अनुरक्षण शुल्क न वसूला जाए, सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।