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कोरोना मरीज की मौत हुई सुबह... मृत्यु प्रमाणपत्र में शाम का समय दर्ज

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सीएमएस से जानकारी करते जिला के नोडल अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण साथ में सीडीओ अनुनय झा, एसीएम रंजीत - फोटो : CITY OFFICE
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दीनदयाल अस्पताल में पंजीयन से लेकर प्रमाणपत्र जारी करने में लापरवाही जारी है। शनिवार सुबह ज्वालापुरी इलाके के एक मरीज की मौत के बाद जारी प्रमाणपत्र में समय शाम का दर्शाने का मामला प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण के सामने आ गया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्टाफ को ठीक से काम करने की हिदायत दे डाली। मरीजों के भागने की घटनाओं की रोकथाम को आवागमन की एक ही रास्ता नियत किए जाने के आदेश दिए।
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बताते चलें कि ज्वालापुरी निवासी एक 50 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की इलाज के दौरान शनिवार सुबह 6.25 बजे मौत हो गई थी। स्टाफ ने परिजनों को मृत्यु प्रमाणपत्र तो तत्काल दिया, लेकिन उसमें मौत का समय सायं 6.25 बजे दर्ज था। इसे देखकर वे हैरान रह गए। एक न्यूज चैनल पर यह मामला प्रसारित होने पर मुख्यमंत्री ने भी मामले को संज्ञान में ले लिया है। इधर सायं पांच बजे के करीब जब प्रमुख सचिव लोक निर्माण व जिले के नोडल अफसर नितिन रमेश गोकर्ण अस्पताल पहुंचे तो मृत्यु प्रमाणपत्र देखकर दंग रह गये। इससे पूर्व उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय का निरीक्षण किया। व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में किसी भी संक्रमित की मृत्यु न होने पाए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। यदि कोई मरीज गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसे समय रहते जेनएएमसी अथवा हायर मेडिकल सेंटर में रेफर किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जूम एप के माध्यम से कोरोना संक्रमित मरीजों से बात कर उनका हालचाल जाना एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा ने बताया कि पिछले निरीक्षण में दिए गए निर्देशों के क्रम में चिकित्सालय में बेडों की संख्या 245 से बढ़ाकर 315 करने के साथ ही वार्डों में सीसीटीवी की संख्या बढ़ाकर मरीजों एवं कार्यरत स्टाफ की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि बेडों की संख्या बढ़ने से 25 बेड का आईसीयू एवं 32 बेड का वातानुकूलित वार्ड तैयार कर संचालित है। त्वरित परीक्षण के लिये चिकित्सालय में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना कर प्रतिदिन 250 परीक्षण किये जा रहे हैं। एक अतिरिक्त कोविड हेल्प डेस्क 24 घंटे संचालित की जा रही है।
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मरीजों को आक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता के लिये 247 बेड पर सेन्ट्रल आक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था की गई है। चिकित्सालय में संचालित फै सिलिटी कंट्रोल रूम के माध्यम से मरीज स्वयं भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। मेडिकल बुलेटिन बोर्ड द्वारा मरीजों का डाटा नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। मरीज के डिस्चार्ज होने पर सैनिटाइजेशन टनल द्वारा मरीज एवं उसके सभी सामान व मोबाइल आदि को सैनिटाइज करके ही घर भेजा जा रहा है।
सीडीओ ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक व स्टाफ की कमी दूर करने के लिये 12 चिकित्सक 01 एमडी फिजिशियन समेत आवश्यकता के अनुरूप पैरामेडिकल स्टाफ का साक्षात्कार लिया गया है। इस मौके पर सीएमओ डा.बीपी कल्याणी समेत अन्य चिकित्सक व स्टाफ मौजूद रहा।
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