निजी वाहनों की तर्ज पर अब व्यवसायिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन का जिम्मा भी वाहन डीलरों (शोरूम संचालक) पर के हिस्से में जाने वाला है। अभी तक वाहन खरीदारी को नए व्यवसायिक वाहन का रजिस्ट्रेशन खुद आरटीओ कार्यालय जाकर कराना होता था। इसके बाद उसे विभाग ही आरसी जारी करता था। मगर, अब रजिस्ट्रेेशन से लेकर आरसी जारी करने की प्रक्रिया शोरूम स्तर से ही हो जाएगी। हालांकि परमिट के लिए वाहन स्वामी को अभी भी कार्यालय ही जाना होगा।
आरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह के मुताबिक अभी तक दो व चार पहिया निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन डीलर प्वांइट से हो रहा है। अब सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। इससे वाहन बिक्री के बाद डीलर खुद ही ऑनलाइन माध्यम से दस्तावेजों को आरटीओ कार्यालय भेज देगा। यहां प्रमाण पत्रों की जांच कर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र शोरूम भेजा जाएगा। इसके बाद शोरुम से वाहन मालिक को आरसी जारी की जाएगी। हालांकि व्यावसायिक वाहन के परमिट के लिए वाहन मालिक को कार्यालय ही जाना होगा। एनआइसी द्वारा डीलरों को ऑनलाइन डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन सॉफ्टवेयर से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे वाहन क्रेता को विभाग के चक्कर लगाने से छुट्टी मिल जाएगी।