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बसपा समर्थक पूर्व प्रधान की दिनदहाड़े हत्या, बवाल

Tue, 28 Jun 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पोस्‍टमार्टम हाउस पहुंचे ठा.जयवीर सिंह व विधायक दलवीर सिंह। - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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बरौली क्षेत्र के गांव चांदनेर के दो विधायक समर्थकों में प्रधानी पर कब्जे को लेकर पनपी रंजिश में सोमवार सुबह बसपा नेता व पूर्व प्रधान जगधीर सिंह बघेल (42) की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। घटना गांव में राशन डीलर के चुनाव से चंद घंटे पहले हुई। इस दौरान एक ग्रामीण छर्रा लगने से जख्मी हुआ। हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने मौजूदा प्रधान के घर-घेर पर हमलाकर होकर फायरिंग व तोड़फोड़ कर दी। मगर पुलिस ने पहुंचकर भीड़ पर काबू किया।
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देर शाम मिली तहरीर के आधार पर हत्या, हत्या की साजिश, हमला आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओ मो. असलम के अनुसार मृत जगधीर के भाई तेजवीर सिंह की तहरीर पर प्रधानी के चुनाव की रंजिश में मौजूदा प्रधान सुरेश चंद्र बघेल को साजिश का आरोपी बनाते हुए उसके बेटे डिगंबर, श्यौराज गांव के ही सोनू, रमेश को नामजद किया है, जबकि 4 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। आरोप है कि चार नामजद व चार अज्ञातों ने जगधीर की हत्या की और चुनावी रंजिश में सुरेश ने यह हत्या कराई।
  गांव चांदनेर में प्रधान पद के साथ-साथ राशन डीलर पद को लेकर हालिया पंचायत चुनाव के बाद से घमासान मचा है। इसी क्रम में सोमवार को 11 बजे राशन डीलर के चुनाव के लिए गांव में मतदान होना था। राशन डीलर चुनाव में जगधीर की प्रतिष्ठा दांव पर थी। वह पूर्व मंत्री व एमएलसी ठा. जयवीर सिंह के बेहद करीबी माने जाते थे और वह मौजूदा राशन डीलर पूरन के पक्ष में लामबंदी कर रहे थे। हालांकि जगधीर सिंह महानगर की बन्नादेवी स्थित कपिल विहार कालोनी में परिवार सहित रह कर प्रापर्टी डीलिंग का व्यापार करते थे। मगर इस चुनाव के चलते वह दो दिन से गांव में डेरा जमाए थे। पूरन के सामने मौजूदा प्रधान का खास श्रीपाल राशन डीलर का दूसरा दावेदार है। इसी चुनावी सिलसिले में सुबह 9 बजे जगधीर अपने घर से करीब पांच सौ मीटर दूर देवेंद्र के घर के सामने निर्माणाधीन मकान पर खड़े होकर ग्रामीणों से बतिया रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तभी गांव थानपुर की ओर से काले रंग की एक पल्सर व सीडी डॉन समेत तीन बाइकों पर सवार आठ बदमाश दोनों हाथों में तमंचे लहराते हुए आ गए और जगधीर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश जगधीर के बाद ग्रामीणों पर फायरिंग करते हुए करनपुर की ओर भाग गए। इस दौरान मौके पर करीब डेढ़ दर्जन राउंड फायर हुए और जगधीर के पेट, गर्दन व जांघ के पास पांच गोलियां लगीं। हालांकि तत्काल जगधीर को मेडिकल लाया गया। मगर बचाया नहीं जा सका।  इधर, मौत की खबर मिलते ही जगधीर समर्थक भड़क गए और बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह के करीबी मौजूदा प्रधान सुरेश चंद्र बघेल के घर-घेर पर हमला बोल दिया। हालांकि वहां किसी के चोट नहीं आई।सूचना पर एसएसपी लव कुमार, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ गभाना, सीओ द्वितीय, एसओ गभाना के साथ-साथ आधा दर्जन थानों का फोर्स, पीएसी, क्यूआरटी आदि पहुंच गई। देर शाम कड़ी सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
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चार भाइयों में बड़े जगधीर पर चार बेटियां
महेंद्र सिंह बघेल के चार पुत्रों में से जगधीर सबसे बड़े थे, जबकि उनसे छोटे तेजवीर सिंह बिजली विभाग में जेई के पद पर व मनोज दिल्ली में प्राईवेट कंपनी में एवं सबसे छोटा भाई हरिओम पैतृक खेतीबाड़ी संभालता है। जगधीर सिंह के पास चार बेटियां हैं, जिसमें सबसे बड़ी बेटी करीब सत्रह साल की है।

पांच दिन से लापता मौजूदा प्रधान, सुबह दी खबर
गांव प्रधान सुरेश चंद बघेल पिछले पांच दिन से लापता हैं। सोमवार को सुबह करीब आठ बजे प्रधान के बेटे श्यौराज व अन्य परिजनों ने थाने पहुंचकर सूचना दी कि उनके पिता सुरेश चंद पांच दिन पूर्व अलीगढ़ जाने की कहकर घर से निकले थे, लेकिन न तो वापस लौटकर आए और न ही उनका फोन मिल रहा है तथा लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। बकौल एसओ परिजनों को गुमशुदगी दर्ज कराने को कहा तो वे पहले तलाशने तथा बाद में गुमशुदगी दर्ज कराने की बात कहकर चले आए थे। इसके बाद यह हत्या हो गई।

पोस्टमार्टम पर पहुंचे दोनों ÒवीरÓ
मेडिकल कॉलेज में जगधीर को मृत घोषित करने के बाद जब शव पोस्टमार्टम केंद्र लाया गया तो वहां जयवीर सिंह के अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू आदि तमाम बसपाई पहुंचे। इसी बीच वहां विधायक ठा.दलवीर सिंह भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और दोनों वीर कुछ समय तक चंद कदमों की दूरी पर खड़े रहे। बाद में अलग-अलग हो गए।

गरम हुई सियासत: पूर्व प्रधान की हत्या के बाद जयवीर ने दलवीर पर मढ़ा आरोप
पूर्व प्रधान जगधीर सिंह की हत्या के बाद बरौली विधानसभा की सियासत गरम हो गई है। इस क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सियासत के दो विरोधी ठा.जयवीर सिंह और ठा.दलवीर सिंह आमने-सामने हैं। जयवीर सिंह ने दलवीर सिंह पर राजनीतिक रंजिश में हत्या कराने का शक जताकर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है और गहराई से जांच की मांग की है।

बघेल समाज के उभरते नेता व बसपा समर्थक जगधीर बघेल का बढ़ता कद विरोधी हजम नहीं कर पा रहे थे। इसीलिए राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उनकी हत्या कराई गई है। इसकी  सघन जांच हो और दोषियों को गिरफ्तार कर एनएसए लगाई जाए। प्रधानी के विवाद में एसडीएम ने पुन: मतगणना के दौरान बघेल को विजयी घोषित कर दिया था। लेकिन क्षेत्रीय विधायक (ठा.दलवीर सिंह) ने दबाव डालकर परिणाम को रुकवा दिया और ईमानदार एसडीएम का तबादला करा दिया। क्षेत्रीय विधायक  द्वारा इस प्रकरण में अत्यधिक रुचि लेना उनकी नीयत को दर्शाता है। इसलिए इस हत्याकांड की गहराई से जांच जरूरी है। ताकि हत्या में क्षेत्रीय विधायक का हाथ होने की शंका का समाधान हो सके। हत्या में उनकी भूमिका सवालों के घेरे में है। साथ ही प्रदेश में कानून व्यवस्था के नाम पर जंगलराज कायम है।
- ठा. जयवीर सिंह पूर्व मंत्री व एमएलसी।

यह बात सही है कि मौजूदा प्रधान हमारा समर्थक है और जब जगधीर ने चुनाव में हार के बाद भी पिटीशन दायर कर गलत तरीके से खुद को विजयी घोषित कराया था, तब हमने डीएम से शिकायत की थी और आदेश बदला गया था। मगर हम हत्या क्यों कराएंगे, यह खुद हमारे समझ में नहीं आ रहा। हम तो अपने क्षेत्र के पूर्व प्रधान की हत्या पर खुद पोस्टमार्टम केंद्र पहुंचे। अगर हत्या कराई होती तो वहां क्यों जाते। बाकी तथ्यों पर आधारित बात की जाए। खुद जगधीर के पिता व बाबा हमारे बेहद करीबी रहे। जगधीर को बसपा शासनकाल में इतना आतंकित किया गया कि वह मजबूरी में पूर्व मंत्री का समर्थक बन गया। अब बेवजह राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए आरोप लगाए जा रहे हैं।
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- ठा. दलवीर सिंह बरौली विधायक व पूर्व मंत्री।

 
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