चंपा इंटर कॉलेज में ताइक्वाडो का प्रशिक्षण देतीं निशा।
- फोटो : samvad
अमर उजाला अपराजिता की ओर से चंपा अग्रवाल कन्या इंटर कॉलेज में ताइक्वांडो आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। छात्राओं को दैनिक जीवन में आने वाली संभावित जोखिम भरी परिस्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए गए। प्रशिक्षक ने कहा कि डरना नहीं, मुकाबला करना सीखें बेटियां।
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखे और उनका अभ्यास भी किया। प्रशिक्षक निशा ने विभिन्न परिस्थितियों का डेमो देकर दिखाया कि हाथ पकड़ने, पीछे से हमला करने या रास्ता रोकने जैसी घटनाओं में खुद को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
उन्होंने छात्राओं को शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर प्रहार करने की तकनीक, तेज आवाज में मदद मांगने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के तरीके भी समझाए। छात्राओं ने जोड़ी बनाकर आत्मरक्षा की तकनीकों का अभ्यास किया। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी विकसित होता है।
आत्मरक्षा केवल मार्शल आर्ट नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का माध्यम है। अगर कोई शरारती तत्व रास्ते में परेशान करने, पीछा करने या जबरदस्ती करने का प्रयास करे तो घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेना चाहिए। -निशा, प्रशिक्षक, ताइक्वांडो
आज के समय में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे शिविर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करते हैं।
-डॉ. मनीषा अग्रवाल, प्रधानाचार्या, चंपा अग्रवाल कन्या इंटर कॉलेज