जब लोगों ने खुशबू को अपने पिता की ट्राइसाइकिल को पीछे से धक्का लगाते हुए सफर तय करते देखा तो हर कोई भावुक हो उठा। राहगीरों ने रुककर इस बेटी का हौसला बढ़ाया।
अलीगढ़ के सासनी गेट की गलियों में 13 फरवरी को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने हर राहगीर का दिल छू लिया। दिव्यांग पिता की आस्था को बेटी ने अपने हौसले का सहारा दे दिया। बेटी इस कांवड़ यात्रा में पिता की ट्राइसाइकिल में धक्का लगाकर आस्था के सफर में उनका साथ निभा रही है।
विज्ञापन
सासनी गेट स्थित कॉलोनी निवासी दिव्यांग विष्णु बृहस्पतिवार सुबह अपनी ट्राइसाइकिल पर कांवड़ रखकर जल लेने के लिए निकले। घर से निकलते समय बेटी खुशबू ने चिंता जताई, पिताजी आप अकेले इतनी दूर कैसे जाएंगे, मैं भी साथ चलूंगी। पिता ने समझाया कि रास्ता लंबा और मुश्किल है, लेकिन खुशबू की जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा।
13 फरवरी को जब लोगों ने खुशबू को अपने पिता की ट्राइसाइकिल को पीछे से धक्का लगाते हुए सफर तय करते देखा तो हर कोई भावुक हो उठा। राहगीरों ने रुककर इस बेटी का हौसला बढ़ाया। आस्था की इस यात्रा में खुशबू ने साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि माता-पिता की सेवा में भी बसती है।