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बेधड़क ‘कर’ चोरी का कारोबार

Mon, 15 May 2017 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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रसलगंज चौराहे की ओर रेलवे की टूटी पड़ी दीवार से माल निकालकर ले जाते लोग। - फोटो : Amar Ujala
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अनुज परमार
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कई साल पहले हजारों रुपये के फायदे के लिए शुरू हुआ ‘कर’ चोरी का कारोबार शहर के लिए नासूर बन गया है। मौजूदा हालात में यह कारोबार प्रतिदिन दस लाख तक का पहुंच गया है। इससे सरकार को राजस्व की हानि तो है ही, साथ ही रेलवे स्टेशन भी सुरक्षित नहीं हैं।

इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। दिल्ली के सदर बाजार से ‘कर’ चोरी कर लाए जा रहे कपड़े, कॉसमेटिक, मोबाइल रिपेयरिंग, टीवी आदि इलेक्ट्रोनिक का सामान स्थानीय स्तर पर सेटिंग कर ट्रेन द्वारा अलीगढ़ तक लाया जा रहा है, जो रसलगंज चौराहे की तरफ टूटी पड़ी स्टेशन की सौ मीटर बाउंड्री से निकाला जाता है। इस माल की न तो लिखा पढ़ी रेलवे में होती है और न ही इसका कोई टैक्स दिया जाता है।
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आरोप है कि इस धंधे की रेलवे के आलाधिकारियों तक भनक है, लेकिन वह भी चुप्पी साधे हैं। वहीं, रेलवे की टूटी पड़ी बाउंड्री से लोग बेखौफ होकर आवागमन करते हैं, जिससे स्टेशन की सुरक्षा भी खतरे में हैं। 

डीआरएम से की शिकायत
सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष हरीबाबू वकील ने डीआरएम से शिकायत की है, जिसमें कहा है कि दिल्ली की ओर से आने वाली पैसेंजर समेत तमाम गाड़ियों में ‘कर’ चोरी कर सामान लाया जा रहा है जिसे रसलगंज चौराहे से ले जाया जाता है। इस धंधे को संचालित करने वालों ने सुरक्षा व्यवस्था को भी ध्वस्त कर दिया है। रेलवे की बाउंड्री भी 100 मीटर तक टूटी हुई है, जहां से देश विरोधी ताकतें कभी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकती हैं।

बाउंड्री टूटने की दो बार लिखित में आईओडब्ल्यू को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। यह बाउंड्री 100 मीटर से ज्यादा टूटी है, तो इसकी निगरानी में कितने सिपाही लगाए जा सकते हैं। बाउंड्री बनकर खड़ी हो जाए। - सत्यप्रकाश, थाना जीआरपी प्रभारी
- समय-समय पर अभियान चलाकर ‘कर’ चोरी के माल को जब्त किया जाता है। माल लाने वाले लोग महिलाओं को आगे कर देते हैं और खुद बचकर निकल जाते हैं। जल्द टीम गठित कर ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जाएगा। बाउंड्री के लिए दो बार शिकायत कर दी गई है। - नवल किशोर, आरपीएफ प्रभारी
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समय-समय पर जांच कर माल को जब्त किया जाता है। यदि उस सामान का रेलवे को किराया नहीं दिया जाता है, तो विभाग छह गुना किराया वसूल करता है। बाकी ‘कर’ चोरी प्रदेश सरकार की देखरेख का कार्य है। उसमें वही कार्रवाई करती है। -  संजय शुक्ला, क्षेत्रीय वाणिज्य कर निरीक्षक    
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