दारा शिकोह : जीवन दर्शन और रचनाएं पुस्तक का विमोचन करते प्रो. वसीम अली, नितिन भटनागर, डॉ. फारु
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व एमएलसी प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि दारा शिकोह बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विभिन्न धर्मों के बीच संवाद की पहल सबसे पहले की थी।
मंगलवार को सुल्तान जहां मंजिल में दारा शिकोह : जीवन दर्शन और रचनाएं पर आधारित पुस्तक के विमोचन के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने कहा कि इंसानियत बहुत जरूरी है। यही सीख दारा शिकोह जिंदगीभर देते रहे। प्रो. रजा उल्लाह खान ने कहा कि दारा शिकोह की विचारधारा आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है।
लेखक डॉ. मोहम्मद फारूक खान ने कहा कि दारा शिकोह केवल एक मुगल शहजादे का नाम नहीं है, बल्कि वह उस विचारधारा का नाम है, जो दिलों को जोड़ती है। डॉ. अब्दुल हक, नितिनि भटनागर ने विचार व्यक्त किए। संचालन फैजान इलाही ने किया। इस अवसर पर जॉनी फॉस्टर, प्रो. मोहम्मद अली जौहर, इश्तियाक अहमद, शकील अहमद, राशिद मुस्तफा, डॉ. कमर आलम, डॉ. मोहम्मद इमरान आदि मौजूद रहे।