सावन के महीन में भोले के भक्त अलग-अलग तरह की कांवड़ लेकर गंगाघाट से निकले हैं। जारौठी का संजय कील लगी कांवड़ लेकर निकला है। जिसे देखकर लोग हैरान रह गए और जहां से वहीं रूक कर उन्हें देखने लगे।
अलीगढ़ गांव जारौठी के संजय ने सावन के महीने में महादेव की भक्ति का एक अत्यंत कठिन मार्ग चुना है। वह कील कांवड़ पर लेटकर दंडौती परिक्रमा करते हुए अपनी यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी यह अनोखी साधना राहगीरों और श्रद्धालुओं को हैरान कर रही है।
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संजय की यह अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प महादेव को प्रसन्न करने की उनकी जिद को दर्शाता है। इस प्रकार की दंडौती परिक्रमा शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। कील कांवड़ पर लेटना इस साधना को और भी अधिक कष्टदायक बनाता है। यह भक्ति का एक दुर्लभ उदाहरण है जो अत्यधिक समर्पण की मांग करता है।