छर्रा। प्रधानी के चुनावों को लेकर खूनी खेल शुरू हो गया है। ऐसा ही वाकया गांव रुमामई में सोेमवार शाम को हुआ। यहां दलितों पर दबंगों ने जमकर कहर बरपाया। दलितों की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने प्रधानी की तैयारी कर रहे एक प्रत्याशी और उसके समर्थकों द्वारा वोट देने के दबाव बनाने पर विरोध किया था। दबंगों ने धारदार हथियार से कई दलितों को घायल कर दिया और उन पर पथराव-फायरिंग की गई। हालांकि पुलिस फायरिंग की बात से इंकार कर रही है।
गांव निवासी इंद्रपाल व अन्य व्यक्तियों ने बताया कि प्रधान पद के एक प्रत्याशी के समर्थक सोमवार को गांव में आए थे। वह दलित समुदाय के लोगों से जबरन अपने पक्ष में वोट डलवाने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी का विरोध दलित समुदाय के लोगाें ने किया। तब तो वह चले गए, लेकिन रात को नौ बजे करीब प्रत्याशी और उसके समर्थक गांव में आ गए और दलितों पर हमला बोल दिया। सभी ने धारदार हथियार और्र इंट-पत्थरों से उन पर प्रहार किए। इसके अलावा फायरिंग भी की।
इससे दलित समुदाय के भूप सिंह, देवेंद्र कुमार, बुधिया देवी, जानकी देवी, इंद्रपाल सिंह आदि घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को डॉक्टरी के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी धीरज सिंह ने फायरिंग की बात से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि इंद्रपाल की ओर से तहरीर दी गई है, जिसकी जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।