गांधी पार्क बस अड्डे पर मंगलवार दोपहर एक डग्गामार बस के चालक और ठेकेदार ने रोडवेज बस चालक-परिचालक को पीट दिया। बस का शीशा तोड़ दिया। मारपीट के पीछे सवारियों को लेकर हुई कलह सामने आई। हालांकि रोडवेज बस चालक-परिचालक बिना किसी कानूनी कार्रवाई के वापस लौट गया।
वाकया दोपहर तीन बजे का है। बस अड्डे पर मेरठ डिपो की बस के साथ चालक गोपाल शर्मा निवासी मोदी नगर खड़े हुए थे। परिचालक सवारियों को बैठा रहा था। तभी प्राइवेट डग्गामार बस का चालक व ठेकेदार रोडवेज बस में बैठी सवारियों को अपनी बस में बैठाने लगे। गोपाल ने इसका विरोध किया।
इसी बात पर डग्गामार बस के चालक व ठेकेदार समेत कई अन्य लोग एकत्रित होकर आ गए। रोडवेज बस चालक गोपाल व परिचालक के साथ मारपीट कर दी। बस का शीशा भी तोड़ दिया। इस बीच रोडवेज कर्मी पहुंचे। उन्होंने बीच बचाव कराया। गोपाल शर्मा बिना किसी कानूनी कार्रवाई के मेरठ रवाना हो गए।
किसकी शह पर चल रही हैं डग्गामार बस
रोडवेज बसों को हर माह लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाली डग्गामार बसों का संचालक अलीगढ़ से बुलंदशहर, खुर्जा, मेरठ और कौशांबी के मार्ग पर बढ़ गया है। इन डग्गामारों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हो रही है।
आलम यह है कि रोडवेज के रंग में रंगी इन बसों को परिवहन निगम के नाम पर चलाया जा रहा है। इसके बाद भी परिवहन निगम व परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। रोडवेज के कर्मियों के साथ सवारियां बैठाने को लेकर आए दिन मारपीट की घटना हो रही हैं।