ताउते ने जहां समुद्र तटीय इलाकों में तबाही मचाई है, वहीं मैदानी इलाकों में मई में लगातार बरसात हो रही है। तीन चार दिन से बादल छाये हैं। बीच-बीच में काली घटाएं आ रही हैं। ठंडी हवाएं चल रहीं हैं। कभी रिमझिम तो कभी अचानक तेज बारिश हो रही है। मई के इस सुहाने यादगार मौसम में दिन रात चलने वाले एसी कूलर बंद हैं। पंखों में भी ठंड लग रही है, रात में एक चादर की जरूरत पड़ रही है।
एएमयू के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण अरब सागर के पानी में लगातार नमक की मात्रा अधिक हो रही है। जिससे गरम हवाएं उमस और दबाव के कारण बहुत जल्द चक्रवाती तूफान में बदल जाती है। इसी का नतीजा ताउते है। जिसने समूचे भारत के कोस्टल गार्ड इलाके से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक का मौसम बदल दिया है। गुजरे पांच साल से अरब सागर में मई के दौरान दौरान ऐसे ही चक्रवात पनप रहे हैं, लेकिन इस बार का तूफान ज्यादा असरदार है। जिसने पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित पूरे इलाके को अपने आगोश में ले लिया है।
प्रो. अतीक अहमद ने बताया कि अरब सागर के मुकाबले बंगाल की खाड़ी में नमक की मात्रा कम होने से उस इलाके में चक्रवात बनाने जितना बड़ा दबाव नहीं बन सका है। इधर, ताउते के असर के कारण गरमी तो कम हो गई है, लेकिन भारतीय महासागर में अब मानसून के लिए अपेक्षित दबाव समय से नहीं बन पाएगा। जिससे जून के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाला मानसून पांच दिन तक देरी से सक्रिय होगा। वर्तमान में केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश तक ताउते का असर है। जिससे गरमी नहीं है। इससे हवाएं ठंडी हैं और इतनी जल्द गरम होकर मानसून के लिए दबाव नहीं बना पाएंगी। इसलिए मानसून जून के पहले सप्ताह के बाद सक्रिय होगा। इधर, तीन चार दिन तक यहां का मौसम ठंडा रहेगा। जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
चेतावनी.. चार दिन तक रहें सावधान
अलीगढ़। अपरजिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी विधान जायसवाल ने बताया कि शासन स्तर से मौसम विभाग के माध्यम से आकाशीय बिजली गिरने का पूर्वानुमान दिया गया है। इसलिए सभी लोगों को आगामी तीन चार दिन तक अलर्ट रहना चाहिए। पेड़ों के नीचे और खुले स्थान पर खुद को या मवेशियों को नहीं छोड़ना चाहिए। देहात के इलाकों में खासतौर पर इसके लिए निगरानी समितियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया है। जिससे किसी भी तरह का जानमाल का नुकसान न हो।
अध्ययन-पूर्वानुमान
अरब सागर में नमक की मात्रा बंगाल की खाड़ी से अधिक होने से पनपा है चक्रवात ताउते
पृथ्वी साढ़े 28 डिग्री पर घूमती है इसलिए ताउते कोस्टल इलाकों से उत्तर पूर्व की ओर चला
केरल, महाराष्ट्र, गुजरात से उत्तर प्रदेश तक आया, बिहार तक इसका प्रभाव कम होने के आसार
चार साल से लगातार ऐसे ही चक्रवात बन रहे, इस बार इसका असर पूरे उत्तरी भारत तक
ताउते से मानसून के लिए बनने वाला अपेक्षित दबाव समय से नहीं बनेगा, मानसून लेट हुआ
आने वाले चार दिन में अधिकतम तापमान 27 से 29 तक और न्यूनतम 23 तक रहने का अनुमान
हवा की रफ्तार 15 से 20 किमी तक, आर्द्रता 38 फीसदी, बारिश लगभग 44 मिलीमीटर तक दर्ज