दोनों आरोपियों के खिलाफ यूपी, बिहार व राजस्थान में 11 ठगी के कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें थाना रामचंद्र मिशन शाहजहांपुर, हाजीपुर सदर वैशाली बिहार, देहली गेट मेरठ, सिकंदरा आगरा में दो, मोकामा पटना बिहार, खामपार देवरिया में दो, रामगंज अजमेर राजस्थान, यमुना पार मथुरा में दो मुकदमे दर्ज हैं।
अलीगढ़ में बने हार्डवेयर उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के नाम पर दो युवक यूपी सहित तीन राज्यों में साइबर ठगी कर रहे थे। साइबर टीम ने नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर चिह्नित किए ठगी में शामिल दो नंबरों की मदद से दो आरोपी दबोच लिए हैं। इन पर तीन राज्यों के अलग-अलग जिलों में 11 मुकदमे दर्ज है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
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एसपी क्राइम ममता कुरील ने 23 जुलाई को प्रेसवार्ता में बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एनसीआरपी पोर्टल पर ठगी में शामिल संदिग्ध मोबाइल नंबरों की छंटनी में अलीगढ़ के दो संदिग्ध नंबर चिह्नित किए गए। इन दोनों नंबरों के खिलाफ यूपी सहित अलग-अलग राज्यों में पिछले दो वर्ष में 11 शिकायतें दर्ज हुई। ठगी के समय दोनों नंबरों की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। इस आधार पर इन दोनों नंबरों को जांच व कार्रवाई के लिए साइबर सेल अलीगढ़ को भेजा गया।
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दोनों नंबरों के आधार पर दो आरोपी गोकुल वाटिका क्वार्सी के अभिषेक गुप्ता व उसके साथी बुलंदशहर चंगुलनपुर हाल देवसैनी क्वार्सी के शैलेंद्र को दबोचा गया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि अभिषेक के पिता का हार्डवेयर बिक्री का व्यापार है। उसने 2023 से शैलेंद्र को अपने साथ शामिल कर ठगी का धंधा शुरू किया। वह ऑनलाइन नंबरों पर हार्डवेयर उत्पाद के फोटो भेजता है। फिर बिक्री के नाम पर ऑर्डर लेते हुए ऑर्डर के अनुपात में एडवांस में रकम ट्रांसफर कराकर ठगी कर लेता है। एक एक ऑर्डर में बीस से पचास हजार रुपये तक रकम ठगी गई है। उन्होंने पिछले दो वर्ष में तीन दर्जन से अधिक इस तरह की ठगी स्वीकारी हैं।
इन जिलों में दर्ज हैं दोनों पर ठगी के 11 मुकदमे
साइबर सेल प्रभारी राहुल चौधरी के अनुसार इन दोनों के खिलाफ यूपी, बिहार व राजस्थान में 11 ठगी के कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें थाना रामचंद्र मिशन शाहजहांपुर, हाजीपुर सदर वैशाली बिहार, देहली गेट मेरठ, सिकंदरा आगरा में दो, मोकामा पटना बिहार, खामपार देवरिया में दो, रामगंज अजमेर राजस्थान, यमुना पार मथुरा में दो मुकदमे दर्ज हैं। अब सभी थानों में इनके जेल जाने की सूचना पत्राचार के लिए भेजी जा रही है ताकि वे इन्हें वी वारंट पर तलब करा सकें।