आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर निवेश, पार्ट टाइम नौकरी और डिजिटल अरेस्ट जैसे झांसे देकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसे खपाने का प्रयास किया जाता था।
अलीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन अभियान के तहत अलीगढ़ साइबर सेल और थाना लोधा पुलिस ने संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद 2.90 करोड़ की धनराशि फ्रीज करा दी है।
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एसएसपी नीरज जादौन के अनुसार, आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर निवेश, पार्ट टाइम नौकरी और डिजिटल अरेस्ट जैसे झांसे देकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसे खपाने का प्रयास किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित शर्मा कृष्णा नगर कॉलोनी, क्वार्सी, मयंक कुमार सिंह हेमंत नगर, रावण टीला, क्वार्सी और विशाल वर्मा शास्त्री नगर, गांधीपार्क के रूप में हुई है।
इनके खिलाफ थाना लोधा में दर्ज दो मुकदमों के अलावा दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में भी कई साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह ने मयंक इंटरप्राइजेज, ए.के. ट्रेडिंग कंपनी और निशांत इंटरप्राइजेज के नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में खाते खुलवाए थे। इन खातों पर 57 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं और अब तक करीब 80-85 करोड़ की साइबर ठगी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
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पुलिस के अनुसार, गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 15 एफआईआर भी दर्ज हैं। साइबर सेल और थाना लोधा की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और ठगी की रकम के स्रोत की जांच कर रही है।