किशोरी दवा लेने गई थी। फिर वापस नहीं आई। आरोपी किशोरी को कहीं बाहर ले जाने के लिए चौराहे पर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच गांव के लोगों को देख किशोरी ने शोर मचा दिया।
अलीगढ़ के दादों क्षेत्र में किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म की घटना के दोषी को दस वर्ष की सजा व पचास हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। ये निर्णय एडीजे विशेष पाक्सो प्रथम राजीव शुक्ल की अदालत से सुनाया गया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 17 जुलाई 2015 की है। वादी मुकदमा के अनुसार उनकी 16 साल की बेटी सुबह 10 बजे दवा लेने गई थी। फिर वापस नहीं आई। इसके बाद चार फरवरी 2016 को गांव का दिनेश व फर्रुखाबाद का रनपाल किशोरी को कहीं बाहर ले जाने के लिए चौराहे पर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच गांव के लोगों को देख किशोरी ने शोर मचा दिया।
उसने बताया कि दिनेश व रनपाल कार में डालकर अपहरण कर ले गए थे। दिनेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में दोनों पर मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दायर की गई। मामले में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दिनेश को दोषी करार देकर सजा सुनाई है। वहीं रनपाल को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।