विद्युत उपकेंद्र पर मौजूद ग्रामीण
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उधर, घटना से गुस्साए परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर बौनई विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने वहां विद्युत निगम के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ को देखकर उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारी मौके से चले गए। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी रणजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। वे वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने और कार्रवाई का आश्वासन मांग रहे थे। करीब तीन घंटे के बाद थाना प्रभारी के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
कौशलेंद्र की पत्नी पिछले तीन-चार माह से अस्वस्थ हैं। वह एटा जनपद के थाना रिजोर क्षेत्र स्थित अपने मायके रामनगर में उपचार करा रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही वह बच्चों के साथ ससुराल के लिए रवाना हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार, कौशलेंद्र गांव भाय में जन सेवा केंद्र का संचालन कर परिवार का भरण पोषण करता था। कौशलेंद्र की मौत के बाद उनके सभी भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के वक्त युवक के हाथ में लोहे का एक पाइप था, जो ऊपर करने पर वहां से गुजर रही बिजली की लाइन को किसी तरह छू गया। लाइन में करंट प्रवाहित था, जिसकी चपेट में आने से युवक की माैत हुई है।- अरविंद नायक, मुख्य अभियंता वितरण
टप्पल क्षेत्र के करनपुर गांव में शुक्रवार शाम ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहे 11 वर्षीय आयुष के ऊफर अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने जर्जर बिजली लाइनों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
परिजनों ने बताया है कि 11 वर्षीय आयुष पुत्र कृष्ण कुमार शुक्रवार शाम करीब 3:30 बजे पड़ोस में ही ट्यूशन पढ़कर घर लौट रहा था। गली में गुजरते समय हाई टेंशन लाइन का तार टूटकर उसके ऊपर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से छात्र कमर, पैर और पीठ बुरी तरह झुलस गई। घटना के बाद मौके पर खलबली मच गई, उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक गलियों से होकर गुजरने वाली हाई टेंशन लाइन के तार कई जगह जर्जर हो चुके हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी आज तक शिकायत का संज्ञान नहीं लिया गया है। मुख्य अभियंता अरविंद नायक ने बताया है कि घटना के बारे में जानकारी नहीं है, फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी। विभागीय लापरवाही सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।