कक्षा दो के छात्र को पीटने के मामले में दोषी ठहराए गए शिक्षक ने बेरहमी की सारी हदें पा कर दी थीं। बालक के बाल पकड़कर पीटना, कान खींचना, यहां तक की अंगुलियां अपने दांतों के बीच रखकर दबा देता था। शुरू में पुलिस भी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तैयार नहीं थी और थाने से टरका दिया था। शिक्षक के भाई बालक के परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे थे।
मामला साल 2018 का है। बालक हर समय डरा सहमा हुआ रहता था। परिजनों को चिंता हुई तो उन्होंने मनोचिकित्सक से परामर्श लिया, तब मनोचिकित्सक ने बताया कि बालक किसी बात से डर गया है। परिजनों बच्चे से पूछा भी लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया तो परिजनों ने उसकी गतिविधि जानने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे।
15 और 16 नवंबर 2018 को ट्यूशन पढ़ाते समय शिक्षक बालक के बाल खींचता, पैन और बाइक की चाबी चुभोता नजर आया। उसकी अंगुलियों को दांतों से दबा रहा था, उसके पैर अपनी चप्पल से कुचल रहा था। इसके बाद घरवालों ने बालक से पूछा, वह इतना डरा सहमा था कि इसके बाद भी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं था।
बाद में उसे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई गई और कहा गया कि अब यह शिक्षक उसे पढ़ाने नहीं आएगा, तब जाकर उसने शिक्षक द्वारा पीटे जाने की जानकारी दी। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने एसओ के थाने में नहीं होने की बात कहकर वापस भेज दिया। इसी बीच घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी और अगले दिन आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया था।