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मगरमच्छ से खिलवाड़: बांधा रस्सी में, प्रधान जी से सब कह रहे- एक बार अंगुली मुंह में देकर देखो

Fri, 04 Sep 2026 01:11 PM IST
Chaman Kumar Sharma शरद यादव, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

4 सितंबर के राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस से एक दिन पहले सामने आईं ये तस्वीरें एक बड़ा सवाल छोड़ती हैं- क्या वन्यजीव को पकड़कर सुरक्षित जगह छोड़ देना ही संरक्षण है? रुस्तम नगर में ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम की मदद की, लेकिन उसके बाद का व्यवहार बताता है कि संरक्षण के साथ सही व्यवहार की समझ भी जरूरी है।
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मगरमच्छ के साथ खिलवाड़ करते ग्रामीण - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मगरमच्छ जमीन पर पड़ा है, शरीर पर रस्सियां बंधी हैं और आसपास दर्जनों ग्रामीण जमा हैं। कोई मोबाइल से वीडियो बना रहा है तो कोई उसे छूकर देखने के लिए आगे बढ़ रहा है। डर से ज्यादा माहौल में हंसी-मजाक है। तभी भीड़ में से आवाज आई कि एक बार उंगली मुंह में देकर देखो, प्रधान जी..। फिर पीछे से आवाज आई कि मेरे शेरू ने पकड़ा है। ये सुन वहां मौजूद बच्चे, युवा और वयस्क ठहाका लगाने लगते हैं।

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ये दृश्य बीते बुधवार सुबह रुस्तम नगर का है जहां आबादी में घुसे मगरमच्छ को वन विभाग ने रेस्क्यू कर बरेली की रामगंगा में छोड़ दिया। लेकिन टीम के पहुंचने और मगरमच्छ के पकड़े जाने के बीच गांव में अलग ही नजारा रहा। कोई उसका मुंह खोलकर वीडियो बना रहा था तो कोई झुककर अंदर झांक रहा था। चेक करिओ, इसकी जीभ है या नहीं? आवाज आई तो फिर ठहाके गूंजे।

इसी बीच एक युवक ने रस्सी पकड़कर मगरमच्छ को उठा लिया। पीछे से आवाज आई कि कंधे पर रख ले। युवक ने सच में उसे ऊपर उठा लिया। मैं फिर घेर लूंगा.. बोलते हुए वह अपनी बहादुरी जताने लगा। देखते ही देखते मगरमच्छ गांव के लिए कौतूहल और मनोरंजन का केंद्र बन गया। अगले 24 घंटे में इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया तक पहुंच गए।

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मस्ती के बीच भूल गए, सामने वन्यजीव था
मजाक और रोमांच के बीच यह बात नजरअंदाज रही कि रस्सियों में बंधा मगरमच्छ भी खतरनाक वन्यजीव है। उसके मुंह के पास हाथ ले जाना, उसे छूना या उठाना ग्रामीणों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। भीड़ और लगातार छेड़छाड़ से वन्यजीव का तनाव भी बढ़ सकता है।

वन्यजीव सिर्फ जंगल में नहीं होते
चार सितंबर के राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस से एक दिन पहले सामने आईं ये तस्वीरें एक बड़ा सवाल छोड़ती हैं—क्या वन्यजीव को पकड़कर सुरक्षित जगह छोड़ देना ही संरक्षण है? रुस्तम नगर में ग्रामीणों ने रेस्क्यू टीम की मदद की, लेकिन उसके बाद का व्यवहार बताता है कि संरक्षण के साथ सही व्यवहार की समझ भी जरूरी है। वन्यजीव आबादी में पहुंचे तो उसे घेरने, छूने या फोटो के लिए उठाने के बजाय लोगों को दूर रखना और वन विभाग को सूचना देना ही सुरक्षित तरीका है। वन्यजीव संरक्षण की शुरुआत जंगल से नहीं, हमारे व्यवहार से होती है।

मगरमच्छ सामने आए तो क्या करें
  • दूरी बनाएं। 
  • भीड़ हटाएं। 
  • बच्चों को पास न जाने दें। 
  • उसे छूने, उठाने या मुंह खोलने की कोशिश न करें। 
  • वन विभाग को सूचना दें और रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक रास्ता खाली रखें। क्योंकि वन्यजीव के साथ सबसे बड़ी बहादुरी उसे छूना नहीं, उससे सुरक्षित दूरी बनाना है।
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