इस्राइल और ईरान के बीच टकराव से अलीगढ़ से ईरान को होने वाले 500 करोड़ के निर्यात पर भी गहरा असर पड़ता दिख रहा है। तीन दिन में मीट के 50 करोड़ के ऑर्डर रद्द हो गए हैं। उद्यमियों की निगाहें मौजूदा हालात पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि यह टकराव बढ़ता है और व्यापार मार्ग बाधित होते हैं, तो अलीगढ़ के मीट निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अलीगढ़ से दुनिया को मीट का होने वाला कुल निर्यात 7200 करोड़ रुपये का है। इसमें ईरान को ही 500 करोड़ रुपये सालाना का निर्यात है। कई दिनों से हो रहे टकराव के कारण अब मीट कारोबारियों को नए ऑर्डर आने बंद हो गए हैं। निर्यातक भी कोई जोखिम लेना नहीं चाहते हैं। वह अन्य देशों में अपना माल निर्यात कर रहे हैं। ईरान से फिलहाल हाथ खींच लिए हैं।
व्यापारी वर्ग स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल होगी। अलीगढ़ से ईरान सहित अन्य खाड़ी देशों को हार्डवेयर के साथ मीट का भी निर्यात है। जब टकराव होता है तो व्यापार मार्गों पर असर पड़ता है। इससे कारोबारी सहजता समाप्त हो जाती है। - अशुतोष वाष्र्णेय, अध्यक्ष, अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन
अभी असर प्रारंभिक तौर पर दिखाई दे रहा है। लेकिन अगर यही स्थिति बनी रही तो कारोबारियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अलीगढ़ से मीट ही नहीं बड़ी मात्रा में हार्डवेयर का निर्यात भी होता है। उस पर भी असर पड़ना लाजिम है। - परवेज खान, जीएम, अलदुआ, फूड प्रोसेसिंग, प्राइवेट लिमिटेड
यहां पर होता है अलीगढ़ से निर्यात
- मिस्र, ईराक, ईरान, यूएई, वियतनाम, मलयेशिया, इंडोनेशिया, अमेरिका, यूके, फ्रांस, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा आदि