मुंह में विस्फोट प्रकरण के बाद जान गंवाने वाली शीला की मौत का सच अभी तक पर्दे में है। आखिर उसने जहर खाकर खुद जान दी या किसी ने उसको विषाक्त पदार्थ खिला कर जान ले ली..? गुरु वार और शुक्रवार के बीच 30 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर गया है लेकिन परिजन कुछ भी बताने से बच रहे हैं। पुलिस भी परिजनों की खामोशी से परेशान है।
जवां थाने के इंस्पेक्टर जावेद के अनुसार एक दरोगा शीला के गांव गया था जहां उसके परिजनों से पूरा मामला समझ कर तहरीर देने को कहा लेकिन शीला के परिजन अभी तक कुछ तय नहीं कर पाए हैं। पुलिस के अनुसार शीला की सबसे बड़ी बेटी अर्चना की शादी तीन साल पहले आगरा निवासी अनिल के साथ हुई।
दूसरी बेटी लक्ष्मी 16 वर्षीय, बेटा नवनीत 15 वर्षीय, तीसरी अलका 13 वर्षीय, चौथी वर्षा 10 वर्षीय है। बड़े बेटे ज्ञानप्रकाश की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है जिसकी पत्नी और बच्चे इसी घर में रहते हैं। शीला का पति चुकेंद्र सिंह खेती किसानी और मजदूरी कर परिवार को पाल रहा है।
शीला की ननद विमलेश और नंदोई सतवीर को लेकर परिजन उलझन में है। पुलिस भी मान रही है कि शीला और उसकी नंद नंदोई के बीच ऐसा कुछ हुआ है जो अभी तक पर्दे में है। घटना का पूरा खुलासा तभी होगा जब शीला के पति कुछ स्पष्ट कर पाएंगे।
इधर, मेडिकल कालेज में डाक्टरों को शीला की बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है। जिससे ये पता चल सके कि आखिर शीला के मुंह में विस्फोट की मूल वजह क्या है। वहीं पोस्टमार्टम के दौरान शीला के मुंह या गले में किसी तरह की क्षति नहीं पाई गई थी।