कम उम्र में लगे महंगे शौक ने बन्नादेवी के तीन पड़ोसी युवक को जुर्म की दुनिया में पहुंचा दिया। मगर, उनकी दौड़ ज्यादा लंबी नहीं रही। थाना जवां पुलिस ने दो माह के भीतर एक के बाद एक लूट, छिनैती, जहरखुरानी जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले तीनों युवकों को सोमवार की रात सियाखास गांव के पास घेराबंदी कर दबोच लिया। उनके पास से लूट का सामान बरामद किया है। तीनों को जेल भेज दिया है। हालांकि गैंग सरगना अभी भी फरार है।
एसपी सिटी अभिषेक ने मंगलवार को बताया कि जवां पुलिस द्वारा दबोचे गए अपराधियों की पहचान अर्जुन पुत्र राजवीर सिंह, आकाश पुत्र मुकेश लोधी राजपूत और रविंद्र कुमार उर्फ वीला पुत्र राजेंद्र सिंह के तौर पर हुई है। तीनों बन्नादेवी के मैन चौराहा, बरौला जाफराबाद के रहने वाले हैं। तीनों की उम्र 19 से 24 के करीब है। इन्होंने पूछताछ में कुबूल किया कि एक अप्रैल को जवां के बेगमाबाद गेट के पास मोटरसाइकिल पर जा रहे जीजा-साली से सात हजार रुपये, मोबाइल फोन, कुंडल लूटे थे।
इसके साथ ही कासिमपुर इलाके की अल्ट्राटेक फैक्ट्री के पास एक व्यक्ति से 18 हजार रुपये और एक टैबलेट और दो मोबाइल फोन लूटे थे। अपराधियों के अनुसार लूट में इनका गैंग सरगना भोला उर्फ सतेंद्र गौतम पुत्र हरप्रसाद निवासी कृ ष्णा नगर, बन्नादेवी भी शामिल था।
लूट के पैसों का बंटवारा वही करता था। इनके पास से लूट की एक पल्सर बाइक, एक सीडी डीलक्स बाइक, 1650 ग्राम नशीला पाउडर, 72 सौ रुपये नगद, तीन तमंचे बरामद किए हैं। गैंग सरगना की तलाश जारी है। उन्होंने पकड़ने वाली पुलिस टीम की सराहना की।
आकाश ने दिया है इसी वर्ष दसवीं का इम्तिहान
तीनों लुटेरे सामान्य परिवार से हैं। कम उम्र में पैसों का ऐसा लालच लगा कि यह जुर्म की दुनिया में चले गए। वहीं एक अपराधी आकाश ने इसी वर्ष दसवीं के इम्तिहान दिए हैं। आकाश के परिजनों ने बताया कि दोस्तों की संगत ने उसे बिगाड़ दिया। वह वारदातों में शामिल नहीं था। बस उसने चार हजार में एक लूट की बाइक खरीद ली थी। यह हमने ही पुलिस को बताया था और बाइक बरामद कराई थी। फिर भी पुलिस ने उनके बेटे को फंसा दिया।