क्षेत्र के गांव सालपुर के एक मजदूर की मौत हो गई। उसने गांव के साहूकारों से मोटा कर्ज ले रखा था। पैसे की अदायगी के लिए उसने पट्टे पर 20 बीघा जमीन ले रखी थी। लेकिन ओलावृष्टि, बारिश एवं तेज हवाओं नेे खेत में लगी तमाम फसलेें नष्ट कर दी थीं। परिजनाें का दावा है कि इसके सदमे से उसकी मौत हो गई।
गांव सालपुर का सुभाष पुत्र नत्थीलाल गांव में मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन करता था। दो साल पहले उसने बड़ी बेटी प्रीति की शादी गांव के रसूखदारों से कर्ज लेकर की थी। पैसे की अदायगी के लिए ही गांव के गिरिश कुमार व मुुकेश शर्मा से 20 बीघा जमीन पट्टे पर ली हुई थी।
उसने 15 में सरसों व 5 बीघा में गेंहू की फसल लगाई थी। लेकिन बेमौसम बारिश और ओला पड़ने सेे पूरी फसल नष्ट हो गईं। सुभाष के बड़े पुत्र गौरव ने बताया कि इसको लेकर उसके पिता चिंतित रहते थे। साहूकारों ने भी कर्ज वसूली के लिए बदाव बढ़ा दिया था।
परिजनाें ने बताया कि गुरुवार की सुबह वह खेतों में तेज हवा, ओलावृष्टि से गिरकर बर्बाद हुई फसल देखने गया था। तभी बेहोश होकर खेत में गिर गए। इसपर वहां बड़ी संख्या में आसपास के किसान आ गए। उसे बेहोशी की हालत में उपचार के लिए पहले खैर, फिर अलीगढ़ ले गए।
लेकिन सुभाष ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल पुहंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। एसडीएम खैर विमल कुमार अग्रवाल, लेखपाल व कानूनगो नेे सूचना मिलने पर हालात का जायजा लिया।
इस बीच लेखपाल ने मृतक का पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी, पर परिजनाें ने मना कर दिया और दोपहर बाद शव का दाहसंस्कार कर दिया गया। सुभाष को दो लड़कियां गीता व प्रीति व तीन लड़के गौरव, सौरव व संदीप हैं। पिता की मौत की खबर मिलते ही उनका रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणाें ने प्रशासन से मजदूर के परिवार को मुआबजा दिलाने की मांग की है।