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पहले बोला, बीवी-बेटी को मार आया..फिर कहा, सब झूठ है

Thu, 15 Sep 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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पहले बोला, बीवी-बेटी को मार आया..फिर कहा, सब झूठ है - फोटो : Dig vishal
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कर्ज में डूबे महानगर के विकास नगर के मजदूर युवक ने बुधवार दोपहर गांधीपार्क थाने पहुंच खुद पत्नी व सौतेली बेटी की हत्या कर गंगा में बहाकर आने संबंधी दो कहानियां सुनाकर पुलिस के होश उड़ा दिए। पहले उसने हत्या की बात स्वीकारते हुए खुद के आत्मसमर्पण की बात कही।
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बाद में जब पुलिस ने उसके परिजनों को थाने बुला लिया तो वह बोला कि ऐसा कुछ नहीं। वह तो बस जेल जाना चाहता है। इसलिए झूठी कहानी सुनाई है। फिलहाल पुलिस उसकी किसी बात पर विश्वास तो नहीं कर रही। मगर उस महिला तक पहुंचने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, जिससे उसने इसी साल जनवरी माह में कोर्ट मैरिज की है।
थाने पहुंचे मूल रूप से अकराबाद के गांव बालू खेड़ा निवासी 30 वर्षीय अजय पुत्र महीपाल का परिवार लंबे अर्से से विकास नगर इलाके में किराये पर रहता है। उसके माता-पिता कहीं आश्रम में रहते हैं, जबकि वह तीन भाई अलग-अलग किराये पर रहते हैं।
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खुद अजय ताला फैक्ट्री में मजदूरी करता है। दोपहर में थाने पहुंचकर अजय ने बताया कि उसके मामा प्रेमचंद्र रावणटीला में रहते हैं। मामा की धेवती मध्य प्रदेश के मुरैना में ब्याही है। उसी के माध्यम से अजय की मुलाकात दिव्या यादव नाम की महिला से हुई। दिव्या ने बताया कि उसका पहले पति से तलाक हो चुका है और डेढ़ साल की बेटी है। वह दूसरी शादी करना चाहती है। इस तरह सहमति पर दिव्या व अजय ने जनवरी माह में अलीगढ़ में ही कोर्ट मैरिज कर ली और दोनों पति-पत्नी बेटी मोहिनी के साथ सतीश के मकान में किराये पर रहने लगे।
शादी पर उसने 50 हजार रुपये का कर्ज भी किसी से लिया।
इस कर्ज से उसने अपनी पत्नी को कपड़े, कुछ शृंगार का सामान आदि दिलवाया। जुलाई माह में एक दिन अचानक दिव्या ने मुरैना जाने की बात कही और बताया कि वहां कुछ काम निपटाकर आने हैं। मकान मालिक का किराया देकर आना है। अजय ने सुझाव दिया कि वह मामा के रिश्तेदार के माध्यम से किराया भिजवा देगा। मगर वह नहीं मानी और यहां से 16 हजार रुपये, सभी कपड़े, जेवर आदि लेकर चली गई। इसके बाद न तो आई और न आने को तैयार थी।
उसकी आने के नाम पर जिद थी कि दूसरी जगह नौकरी करो। तभी आऊंगी। इधर, उसे पता चला कि पहले पति से तलाक नहीं हुआ। आज भी वह दोनों संपर्क में हैं। इन बातों से चिढ़कर उसने मंगलवार को उसे बातों में उलझाकर यहां वापस बुलाया। फिर उसे यह कहकर रात ढाई बजे बरेली पैसेंजर से राजघाट ले गया कि उसकी बरेली में नौकरी लग गई है। राजघाट यह कहकर उतार लिया कि पहले गंगा स्नान कर लें। फिर आगे चलेंगे। राजघाट पर उसने पत्नी की पीछे से सिर में ईंट मारकर फिर लोहे के तार से गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसी तरह बेटी को मार दिया और दोनों को गंगा में बहाकर वापस आ गया। उसके इस बयान के बाद पुलिस ने उसके पिता, भाई, मामा आदि परिजनों को बुलाया। उनके सामने आने पर वह अपने बयान से पलट गया और बोला कि वह जेल जाना चाहता है। इसलिए झूठ बोला है। उसके दिव्या से पिछले 20 दिन से कोई संपर्क या बातचीत नहीं है।
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