एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज की कैंटीन में ‘बीफ बिरयानी’ परोसे जाने के प्रकरण में भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेता आमने सामने आ गए हैं। मंगलवार को कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश सचिव सैयद वसीम अहमद ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मेडिकल कालेज चौकी पहुंच कर मेयर शकुंतला भारती के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी है।
वसीम अहमद ने कहा कि एएमयू कैंटीन ही नहीं मदारगेट प्रकरण में भी मेयर अनावश्यक रूप से दखलदांजी कर माहौल खराब कर रही हैं। इससे अलीगढ़ शहर का माहौल कभी भी खराब हो सकता है। इसलिए उन पर शांतिभंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की जाए। वसीम के साथ तसनीम नकवी, शहजाद, अफताब अहमद, एमजेड मोहतशीम, धनंजय सारास्वत, जमाल अख्तर, इमरान अली, तलत आदि कई लोग मौजूद रहे।
इधर, भाजपा पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने कांग्रेस नेता वसीम अहमद के उस बयान का विरोध किया है। जिसमें उन्होंने मेयर पर शहर की गंदगी को दूर कर पाने में फेल होने और एएमयू को बदनाम करने का आरोप लगाया है। जादौन ने कहा है कि एएमयू प्रापर्टी विभाग के मेन्यू में आयटम नं 9 में बीफ बिरयानी का जिक्र है और बीफ का मतलब गौमांस होता है।
इसकी तहरीर दिल्ली के थाना प्रशांत विहार में की गई है, जिसके साथ सन 2011 से अब तक के सभी दस्तावेज लगाये गये हैं, जिसमें कैंटीन टेंडर के लिए बीफ बिरयानी का जिक्र करना अनिवार्य है। पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने कहा कि ऐसा भी प्रतीत होता है कि वसीम अहमद को कोई दिमागी बीमारी है जिस कारण वह बीफ परोसने वालों का साथ दे रहे हैं अन्यथा वह ऐसा नहीं करते।