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सात दिनों से लापता युवती का शव झाड़ियों से बरामद

Tue, 15 Jan 2019 01:36 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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हाइवे पर जाम लगाते ग्रामीण। - फोटो : Dig Vishal
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देहली गेट इलाके से बीते सात दिनों से लापता युवती का शव रविवार रात को कोतवाली इलाके के नगला आशिक अली की झाड़ियों से आरोपी युवक की निशानदेही पर पुलिस ने बरामद किया। गुस्साए परिजनों ने अन्य लोगों के साथ सोमवार सुबह एनएच-91 पर शव को रख जोरदार प्रदर्शन किया। लगभग दो घंटे तक मार्ग बाधित रहा। कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। युवती के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती है। अधिकारियों के समझाने के बाद परिजनों ने कैमरे की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया। दुष्कर्म की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने स्लाइड्स को फोरेंसिक लैब भिजवाया है। एसएसपी की ओर से एसपी सिटी को इस मामले में जांच अधिकारी नामित किया गया है।  
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अनुसूचित जाति की इस 20 वर्षीय युवती का सात जनवरी को अपहरण हुआ था। आरोप भीमा सैनी पुत्र लेखराज निवासी नगला आशिक अली पर लगा था। युवती के पिता के अनुसार भीमा और उसके ताऊ का बेटा मुकेश सैनी पट्टे पर खेती करते हैं। युवती उनके खेत पर मजदूरी करने जाती थी। लगभग 15 दिन पहले दोनों ने उनकी बेटी पर अपने-अपने खेत में काम करने को लेकर दबाव बनाया। इस बात को लेकर विवाद भी हुआ था। इसके बाद सात जनवरी को सुबह 11 बजे युवती बाजार गई थी। काफी देर तक न लौटने पर घर वालों ने उसका मोबाइल मिलाया तो वह बंद मिला। रात लगभग नौ बजे नंबर चालू हुआ तो फोन भीमा सैनी ने उठाया। परिजनों ने उसे घर जाकर पकड़ लिया और शाहपुर कुतुब चौकी पर ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। मगर, पुलिस ने उसे मामूली पूछताछ के बाद छोड़ दिया, जबकि उसके खिलाफ अपहरण की नामजद तहरीर दी थी। 


कॉल डिटेल के आधार पर धरा गया आरोपी भीमा
भीमा के नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई गई तो उसका युवती से संपर्क में होने का पता लगा। कड़ी पूछताछ में उसने युवती की गला घोंटकर हत्या करने और शव को नगला आशिक अली की झाड़ियों में दफनाने की बात कुबूल की। पुलिस का कहना है कि इस युवती का किसी अन्य युवक से संपर्क बढ़ने से नाराज होकर भीमा ने उसकी हत्या कर दी।
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चौकी इंचार्ज को निलंबित करने की मांग
पीड़ित परिवार ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि आरोपी भीमा को पहले दिन ही शाहपुर कुतुब चौकी इंचार्ज के हवाले किया था। मगर, पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पीड़ित परिवार ने चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग की। इसके साथ ही परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

आरोपी पर बढ़ सकती हैं धाराएं
एसपी सिटी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि पीड़ित परिवार को समाज कल्याण विभाग से आर्थिक सहायता दिलाई जाएगा। भीमा पर अपहरण, हत्या, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के आधार पर कुछ अन्य धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।

- युवती के अपहरण और हत्या के मामले एसपी सिटी को जांच सौंपी गई है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है। परिवार को हरसंभव मदद और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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- आकाश कुलहरि, एसएसपी
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