फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टप्पल की महिलाओं में रहता था दुराचारी असलम का खौफ

Mon, 17 Jun 2019 01:56 AM IST
राजेश सिंह क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
मल्लावां में पालिकाध्यक्ष और विधायक समर्थकों के बीच हुई थी फायरिंग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ढाई साल की मासूम की हत्या में जेल गया असलम अब कभी छूट पाएगा या नहीं, यह तो कानून तय करेगा। मगर इतना जरूर है कि उसके जेल जाने के बाद उसके मोहल्ले व आसपास के घरों की महिलाएं और बेटियां खुद को आजाद महसूस कर रही हैं।
विज्ञापन


उसकी दहशत का आलम यह था कि बहन-बेटियां और महिलाएं देर सबेर घर से अकेले निकलने में कतराती थीं। करीब दो साल पहले भी वह एक 15 साल की बच्ची संग हरकत में जेल गया था। मगर असलम के पिता ने उसे जमानत पर जल्द रिहा करा दिया। इसके बाद उसके हौसले खासे बुलंद थे। महिलाओं पर फब्तियां कसना, छेड़खानी करना उसका शगल बन गया था। 

असलम की हरकत से शर्मसार हुई पड़ोस में ही रहने वाली 15 साल की बेटी की 48 वर्षीय मां अपना दुख बयां करते हुए बताती है कि 16 मार्च 2017 को असलम उसके घर में कूद आया था। बाथरूम में नहा रही बेटी संग उसने हरकत की थी। उसे मौके पर दबोचा गया। पुलिस ने पॉक्सो व गुंडा एक्ट में उसे जेल भी भेजा। मगर असलम के पिता ने उसकी बहुत जल्द जमानत करा ली। बस इस दहशत में उस बेटी की मां ने अपनी बेटी कम उम्र में ही जल्दी शादी कर दी।
विज्ञापन


उसे डर था कि जेल से छूटकर आने के बाद कहीं असलम उसकी बेटी के साथ कुछ भला बुरा न कर दे। आज महिला बेहद खुश है, चलो किसी तरह वह जेल तो गया और ऊपर वाले से दुआ करती है कि अब वह बाहर न आए। वह महिला बताती है कि जो मर्द अपनी बेटी संग घिनौनी हरकत कर सकता है, उसके लिए किसी अन्य महिला या बहन-बेटी की इज्जत क्या मायने है।

यही वजह थी कि उससे महिलाएं डरा करती थीं। अपनी बेटियों को व खुद शौच आदि के लिए देर सबेर अकेले घर से नहीं निकलने देती थीं। मगर आज वह खुद को आजाद महसूस कर रही हैं। उनकी पुलिस से अपील है कि वह ज्यादा से ज्यादा तगड़ी कार्रवाई कर उसे जेल में ही रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें