उल्लेखनीय है कि राज्य विवि की मांग को लेकर दो दिन पहले जब डीएस कॉलेज के बाहर छात्रों ने जाम लगाया था तो पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इसमें कई छात्र नेता घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा भी कायम किया था। उसके बाद रविवार को जब यह छात्र नेता अपने साथियों के साथ जिला अस्पताल डॉक्टरी परीक्षण करने गए थे तो वहां इनकी चिकित्सक से झड़प हो गई थी। वहां भी जमकर मारपीट व तोड़फोड़ हुई थी। इस मामले में मौके पर पहुंची पुलिस ने एक छात्र नेता संजू बजाज को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अन्य वहां से भाग गए थे। इस मामले में छात्र नेताओं ने यह घोषणा की थी कि वह डीएस कॉलेज में प्रॉक्टर का घेराव करेंगे। साथ ही सीएम का पुतला फूंककर आंदोलन करेंगे।
इसी के चलते पुलिस प्रशासन सोमवार को चौकन्ना रहा। काफी पुलिस व फोर्स डीएस कॉलेज पहुंच गई। छात्र नेताओं की योजना पहले तो वहीं प्रदर्शन करने की थी लेकिन पुलिस फोर्स को देखकर उन्होंने एचबी इंटर कॉलेज के बाहर जिला प्रशासन का पुतला दहन किया। इस मौके पर घायल छात्र नेताओं सौरभ चौधरी, अमित गोस्वामी, आदित्य पाण्डेय आदि को समर्थन देने का ऐलान किया। यह भी कहा गया कि यदि मांग न मानी गई तो छात्र अपनी शिक्षा का बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर मुख्य रूप से अर्जुन भोेलू सिंह, आदित्य आर्यन मल्होत्रा, योगेश वार्ष्णेय, विकास शर्मा, विष्णु चौधरी, मयंक, सोनू सविता, ओपी सिंह, छोटू सिंह, पूनम कुमारी, दिव्या, पूजा आदि थे। इधर, ज्ञान महाविद्यालय के पंकज आर्य और राहुल यादव के नेतृत्व में यूपी सरकार का पुतला फूंका गया। इस मौके पर अर्जुन भोलू सिंह ने कहा कि चाहे पुलिस प्रशासन कितना भी जुर्म करे लेकिन छात्र शांत होने वाले नहीं है। वह विवि लेकर रहेंगे। सौरभ चौधरी ने कहा कि लड़ाई पुलिस प्रशासन से नहीं है। हमे राज्य विवि दिया जाए। इस दौरान उपस्थित मुख्य रुप से हरजेश उपाध्याय, सज्जन यादव, छोटू ठाकुर, मोहित पंडित, हरीश, शुभम वार्ष्णेय, मयंक वार्ष्णेय, विकास, सोनू ठाकुर, जितेन्द्र आर्य, अनीष कुमार आदि थे। रालोद कार्यकर्ताओं ने डीएम से डीएस कॉलेज के छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज की मजिस्ट्रेटी जांच कराने िसे मांग की है। इस मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष कल्यान सिंह, जिला महासचिव मोहनलाल वर्मा, विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, मंडल उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, महीपाल सिंह, राज अग्रवाल, हरजेश उपाध्याय, रामबहादुर सिंह आदि ने यह मांग उठाई है।