अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के आश्वासन एवं समझाने के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के हड़ताली जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर बुधवार को दोपहर दो बजे से काम पर लौट आए, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि हड़ताल खत्म होने के पहले उपचार के लिए पहुंचे मरीज एवं उनके परिजन रोते-चिल्लाते हुए लौट गए।
सातवां वेतनमान एवं अन्य मांगों को लेकर करीब 400 से अधिक जूनियर डॉक्टर सोमवार सुबह आठ बजे से काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए थे। उन्होंने हड़ताल 24 घंटे के लिए की थी, लेकिन बीच में अचानक उसे बढ़ा दिया। इससे मरीजों की परेशानी बढ़नी तय थी।
मंगलवार सुबह करीब 7.45 बजे एएमयू वीसी प्रो. तारिक मंसूर ने रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी एवं कुछ अन्य पदाधिकारियों को फोन कर बातचीत के लिए नौ बजे बुलाया। उन्होंने रेजीडेंट डॉक्टरों से कहा कि हड़ताल के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है, इसलिए हड़ताल एवं धरना अब खत्म करें।
आरडीए पदाधिकारियों ने सातवां वेतनमान सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह आठ अगस्त को दिल्ली जा रहे हैं। सातवें वेतनमान को लेकर पहले भी यूजीसी एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय से बात किए थे। एक बार फिर बात करेंगे। संसद सत्र चलने के कारण अधिकारी अभी व्यस्त हैं।
अन्य मांगों पर भी त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। वीसी से बातचीत के बाद आरडीए की जनरल बॉडी मीटिंग में दो बजे से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने का निर्णय लिया गया। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. एससी शर्मा ने बताया कि जूनियर डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं। कई समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया गया है।
एएमयू प्रशासन द्वारा यहीं कदम पहले उठा लिया गया होता तो हड़ताल की नौबत नहीं आती। वीसी द्वारा कई समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देने के बाद हम लोगों ने हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन धरना जारी है। आठ अगस्त को वीसी दिल्ली जा रहे हैं। उनकी वापसी के बाद जीबीएम कर डेवलपमेंट की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
- डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, अध्यक्ष, आरडीए
जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन....
- नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियंस एवं वार्ड असिस्टेंट्स आदि की ड्यूटी डिफाइन होगी
- सभी ओटी एवं एचडीयू में एनेस्थीसिया कीट उपलब्ध कराई जाएगी
- केजुअल्टी के काम को एक सीएमओ निरीक्षण करेंगे। इमरजेंसी में एक सीएमओ बैठेंगे और एएमयू के छात्र एवं कर्मचारियों को देखेंगे और संबंधित विशेषज्ञों के पास रेफर करेंगे।
- जरूरी दवा वार्ड्स, ओटी एवं केजुअल्टी में उपलब्ध कराए जाएंगे
- अस्पताल में भर्ती गरीब मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाएगी
- एसबीआई एटीएम लगवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है
- ड्रग स्टोर नंबर 1 एवं 2 से संबंधित शिकायतें संपत्ति कार्यालय द्वारा सुनी जाएगी
17 दिन से चल रहा है धरना
सातवां वेतनमान एवं अन्य मांगों को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का धरना पिछले 17 दिन से मेडिसन संकाय के डीन कार्यालय के समक्ष चल रहा है। इसके साथ ही छह दिन से क्रमिक भूख हड़ताल भी चल रही है। डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन उनका धरना जारी है।