समाजवादी पार्टी के बरौली विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष व कस्बे के कद्दावर प्रॉपर्टी डीलर राकेश यादव की मंगलवार रात हुई हत्या में हरदुआगंज टाउन एरिया के पूर्व चेयरमैन व सपा नेता सुभाष यादव उर्फ नेताजी सहित चार को नामजद करते हुए दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि परिवार ने कोई वजह नहीं खोली है। मगर पुलिस ने राकेश यादव के प्रॉपर्टी कारोबार की स्क्रूटनी करते हुए इस्कान मंदिर साइड की एक संपत्ति के विवाद पर अपनी नजर टिका दी है। इसके आधार पर कुछ शूटर पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
यह बात भी सामने आ रही है कि राकेश यादव के हर संपत्ति विवाद में इलाके के दबंग नामजद विंका प्रधान हर बार सामने आ रहा था। हो न हो इस हत्या में विंका की अहम भूमिका रही हो। फिलहाल पुलिस टीमें लगातार नामजदों व इस्कान मंदिर साइड की संपत्ति से जुड़े लोगों की तलाश में दबिश दे रही हैं। वहीं बुधवार को दिन निकलने के बाद से ही कस्बे में तनाव के हालात रहे और विरोध में बाजार भी बंद रहा। सुबह पोस्टमार्टम के बाद सपा नेता का शव जब घर पहुंचा तो वहां एक बार फिर कोहराम के हालात पैदा हो गए। बाद में कड़ी पुलिस अभिरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान जिले के तमाम नेता मौजूद रहे।
राकेश यादव की हत्या का मुकदमा उनके छोटे भाई ललित की ओर से दर्ज कराया गया है, जिसमें सुभाष यादव के कस्बे के ही सभासद कुलदीप यादव, पूर्व प्रधान ग्वालरा रवि प्रताप सिंह उर्फ विंका प्रधान व भट्ठा संचालक सोनू यादव को नामजद करने के साथ दो अज्ञात को आरोपी बनाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मंगलवार रात राकेश मंडी से घर लौट रहे थे। तभी घर से कुछ पहले नन्नूमल शर्मा के मकान के पास सुभाष यादव ने राकेश यादव को रोक लिया और अपने साथी अन्य नामजदों को इशारा करते हुए यह कहकर फायरिंग कराकर हत्या करा दी कि साला हमारे हर काम में बाधा बनता है। बहुत नेता बनता है, आज इसे मौत के घाट उतार दो।
तहरीर के अनुसार परिवार के कुछ लोगों ने उन्हें हत्या करते देखा है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद सुबह करीब साढे़ दस बजे शव कस्बे में पहुंचा, जहां से पुलिस की मौजूदगी में शव को खाकी बाबा स्थित अंत्येष्टि स्थल ले जाया गया। जहां बेटे विकास ने शव को मुखाग्नि दी।
इस मौके पर बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, बसपा नेता रणवीर कश्यप, गजराज विमल, अभय कुमार बंटी, विष्णु खरे, सपा नेता लोधा ब्लाक प्रमुख गिरीश यादव, शान मियां, राजेश यादव, बादशाह खान, सगीर अहमद, जस्सू शेरवानी, अब्दुल हमीद, राजीव यादव आदि मौजूद रहे। वहीं हत्याकांड में स्थानीय लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तनाव न पनपे, इसके लिए पुलिस ने पहले से तैयारी किए हुए थी। अंतिम संस्कार के दौरान सीओ अतरौली प्रशांत सिंह, एसओ संदीप कुमार समेत पीएसी कर्मी भी तैनात रहे। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से मृतक के घर के आसपास पुलिस पिकेट तैनात रखी गई है।