महानगर के एक सपा नेता ने परिवार की युवती को तंग करने वाले युवक को सबक सिखाने के इरादे से ऐसी साजिश रची कि वह खुद ही कानून के शिकंजे में फंस गए। उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व महानगर अध्यक्ष और इंस्पेक्टर क्वार्सी तक के मोबाइल पर धमकी भरे व भद्दी गालियों वाले एसएमएस भेजे और मैसेज भेजने वाले के रूप में उस युवक का नाम लिख दिया। इन एसएमएस से पुलिस जब हरकत में आई तो सपा नेता के गिरेबां तक पहुंच गई। उन्हें हिरासत में लेकर थाने लाया गया और जब पूछताछ हुई तो उन्होंने पूरा राज उगल दिया। अभी नेताजी हिरासत में हैं। पुलिस निर्णय नहीं कर पा रही है कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।
वाकया इस तरह है कि सपा नेता के परिवार की एक युवती के पीछे इलाके का ही एक युवक लगा है। इसे लेकर उस युवक से विवाद चल रहा है। उन्होंने परिवार की युवती की लाज बचाने और बात बाहर न जाने देने की गरज से युवक की सीधी किसी से शिकायत करने के बजाय उसे साजिश के तहत फंसाने की सोची। इसी साजिश के तहत उन्होंने एक फर्जी आईडी से नया सिम खरीदा और उस सिम की मद्द से उन्होंने अपने परिचितों को ही भद्दी गालियां और धमकी भरे एसएमएस भेजना शुरू किया। एसएमएस भेजने वाले कॉलम में उसी युवक का नाम लिखा। उन्होंने सिलसिला यहीं नहीं रोका। यह एसएमएस सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक और इंस्पेक्टर क्वार्सी श्रीप्रकाश यादव तक को भेज दिए। जब यह लोग उस नंबर पर कॉल करते तो यह नंबर इंस्पेक्टर क्वार्सी के मोबाइल पर डायवर्ट कर दिया। सभी कॉल इंस्पेक्टर क्वार्सी के मोबाइल पर पहुंच रही थीं। वह खुद हैरानी में पड़ गए।
इस पर पुलिस हरकत में आई और सर्विलांस की सहायता से वितरक तक पहुंची। सिम वितरक की मद्द से सिम खरीदने वाले तक पहुंची तो वह युवक कोई और नहीं सपा नेता का बेटा निकला। पुलिस ने सपा नेता व उसके बेटे को हिरासत में ले लिया। इससे तमाम सपाई थाने पर इकट्ठे हो गए, लेकिन असलियत सामने आई और नेताजी से सख्ती से पूछताछ हुई तो उन से सिम व मोबाइल बरामद कर लिया, जिससे धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने अपनी साजिश भी उजागर कर दी। फिलहाल नेताजी हिरासत में हैं। इंस्पेक्टर क्वार्सी अभी इतना ही कहते हैं कि मामले में बिना लिखापढ़ी के कुछ नहीं बताया जा सकता।