थाना देहली गेट के मोहल्ला जंगलगढ़ी में बदमाशों ने युवक की गला रेत कर वीभत्स तरीके से हत्या कर दी। हत्यारों ने उसके अंग विशेष को भी काट डाला। इस मामले में मृतक के तहेरे भाई बाबर इलियास ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इस मामले में पुलिस ने परिवार के ही एक नजदीकी व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड के पीछे कुछ निजी वजह हो सकती हैं। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
देहली गेट के मोहल्ला जंगलगढ़ी में अल वकील मसजिद निवासी 36 वर्षीय सईद अहमद पुत्र छोटे खां बकरों का कारोबार करता है। पिता का इंतकाल हो चुका है। उसके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे भी हैं। सईद गुरुवार को प्रतिदिन की तरह अपने कमरे में सो रहा था। उसके परिवार में एक छोटा भाई साबिर और उसकी पत्नी भी उसी मकान के नीचे वाले हिस्से में रहते हैं।
थाना प्रभारी देहली गेट अनुज कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात हत्यारों ने सईद को सोते हुए दबोचा और धारदार हथियार से उसकी गर्दन व अन्य नाजुक अंगों पर प्रहार करते हुए उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद हत्यारे फरार हो गए।
सुबह परिजन सईद की पत्नी जब उसे जगाने गई तो उसका शव खून से लथपथ पड़ा था। चीखपुकार सुन पड़ोसी भी मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना देने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। तहेरे भाई बाबर इलियास की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। शुक्रवार का पूरे दिन इलाके में इसी हत्या पर लोगों के बीच चर्चा रही। लोग वजह तलाशते रहे।
मौत से पहले खूब संघर्ष किया, क्यों नहीं खुली नींद
अलीगढ़। जंगलगढ़ी निवासी बकरा कारोबारी सईद की हत्या रात के वक्त की गई। इस हत्याकांड को लेकर कई तरह के सवाल पुलिस और आसपास के लोगों के जेहन में उठते रहे। सबसे पहले तो यह कि सईद मकान के ऊपर वाले हिस्से में बने कमरे में सोता था। इसलिए उस कमरे तक पहुंचना किसी के लिए कैसे संभव हो पाया? नीचे मेनगेट को खुलवा कर घर में प्रवेश करके ऊपरी मंजिल पर सईद के कमरे में पहुंचना हत्यारों के लिए कैसे संभव हुआ, इस बात की जांच पुलिस सघनता के साथ कर रही है। यह भी कि हत्यारे मेन गेट से न प्रवेश करके छत या अन्य किसी रास्ते से वहां तक पहुंचे हों। पुलिस को सबसे ज्यादा यह सवाल खटक रहा है कि धारदार हथियार से प्रहार के बाद सईद चीखा और चिल्लाया भी होगा। उसके जिस्म पर बने गहरे जख्म संकेत कर रहे हैं कि उसने हत्यारों के साथ काफी संघर्ष किया था। इसलिए इस चीख पुकार और संघर्ष की आवाज सुनकर भी क्यों किसी की आंख नहीं खुली। जबकि यह घनी आबादी वाला इलाका है। इसके अलावा अगर पास पड़ोस के लोगों की बातों और चर्चाओं पर गौर किया जाए और हत्या का तरीका देखा जाए तो किसी निजी वजह की तरफ संकेत लगता है। पुलिस के मुताबिक हत्यारों का मकसद सिर्फ हत्या करना ही नहीं था, बल्कि सईद को यातना देना और किसी तरह का बदला लेना भी रहा होगा। यही वजह है कि उसके अंग विशेष को भी धारदार हथियार से निशाना बनाया।
चप्पल खोल सकती है हत्या का राज
अलीगढ़। बकरा कारोबारी सईद की हत्या में पुलिस ने परिवार के एक नजदीकी व्यक्ति को हिरासत में लिया है, लेकिन इस हत्याकांड में पुलिस के पास एक अहम सुराग मौका ए वारदात से मिली एक चप्पल के रूप में है। यह एक चप्पल सईद की नहीं है। पुलिस को पूरा यकीन है कि हत्या के बाद हत्यारे जल्द बाजी में खून से सनी हुई एक चप्पल को यहीं छोड़ने को मजबूर हो गए। हत्या के बाद चप्पल खून से सनी होगी और भागते वक्त हत्यारे के पैर से फिसल गई। एक चप्पल के मौका ए वारदात पर छूटने के बाद हत्यारा दूसरी चप्पल को भी कहीं ठिकाने लगाएगा। इस पर भी नजर है। चप्पल के जरिए हत्यारे तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस लगी है।
कई बिंदुओं पर पुलिस जांच में जुटी
अलीगढ़। पुलिस एक साथ कई बिंदुओं पर जांच में जुट गई है। एक ओर परिवार के ही एक परिचित से पूछताछ जारी है तो वहीं मृतक के लोगों के साथ कारोबारी रिश्तों, उधारी, पुरानी रंजिश अथवा हाल के दिनों में किसी से रंजिश को भी तलाश्ा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस तरह से हत्या हुई है उससे लगता है कि हत्यारोपी उससे बेहद नफरत करता था।