यूथ खेलो इंडिया के शिविर में शामिल कराने के नाम पर छह एथलीट से ठगी की कोशिश हुई। प्रशिक्षक की सूझबूझ से ये सभी ठगी से बच गए। स्वयं को यूथ खेलो इंडिया का सचिव बताने वाले ने खिलाड़ियों से ढाई ढाई हजार रुपये बैंक खाते में डालने को कहा था।
शुक्रवार को एथलीट विशाल व विपिन के पास फोन आया कि वह यूथ खेलो इंडिया के शिविर में शामिल होना चाहते हैं तो वह अपना आधार कार्ड उनके मोबाइल पर भेज दें। शिविर के लिए ढाई हजार रुपये फीस लगेगी, जिसे बैंक खाते में डालना होगा। इसके बाद खिलाड़ियों ने एथलीट कोच हीरा सिंह से फोन करने वाले व्यक्ति की बात कराई।
कोच को उसकी बातों पर शक हुआ। उन्होंने खिलाड़ियों से बैंक खाते में पैसा न डालने की बात कही और शिविर को लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी। चार घंटे की मशक्कत के बाद पता चला कि कोरोना काल में कोई कैंप पटियाला में नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि बैंक खाता केनरा बैंक, जरार आगरा में राजेश के नाम से है, जबकि तथाकथित सचिव रिजवान पठान है।
हीरा ने बताया कि छह खिलाड़ी ठगी होने से बच गए। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों ने फेसबुक पर अपना मोबाइल नंबर डाल रखा था, जिससे खिलाड़ी एक-दूसरे को ट्रायल आदि की जानकारी साझा कर सकें। संभव है कि ठग ने यहीं से खिलाड़ियों के नंबर लिये हों।