अलीगढ़। डेढ़ माह पहले गभाना इलाके में मां की लाश के साथ बिलखती मिली मासूम शिवानी के चेहरे पर अब खिलखिलाहट देख लग रहा है कि शायद वह सदमे से उबर चुकी है। अब दिन भर वह खिलौनों संग खेलने और कागज पर चित्र उकेरने में खुश रहती है। वह चाइल्ड लाइन के काउंसलर्स के बीच घुल-मिल गई है। हालांकि अभी उसका इलाज जारी है। उसके भविष्य पर कोई निर्णय नहीं हुआ है, और अगर उसके परिवार की पहचान नहीं हुई तो वह शेल्टर होम भी जा सकती है।
फ्लैश बैक 13 जनवरी को तड़के गभाना इलाके में एक महिला की लाश मिली थी। उसके पास शिवानी (3 वर्ष) बेसुध और जख्मी हाल में मिली थी। इस बच्ची को पुलिस ने चाइल्ड लाइन के माध्यम से इलाज के लिए भिजवाया। स्थिति सामान्य होने पर बच्ची ने अपना नाम शिवानी बताया था। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बच्ची को इलाज के लिए चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया।
अब बिल्कुल ठीक हुई शिवानीचाइल्ड लाइन के समन्वयक ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार बच्ची की हालत अब बिल्कुल सही है। हालांकि उसका इलाज जारी है। दो दिन पहले भी उसकी एमआरआई कराई गई थी। अब किसी तरह के सदमे का असर उसपर नहीं दिख रहा है। बच्ची भी दिन भर अब खिलौनों और कागजों पर चित्र उकेरने के साथ-साथ खेल-खेल में पढ़ने में व्यस्त रहती है।
अब उससे मां को लेकर कोई जिक्र करो तो वह उस तरह ध्यान ही नहीं देती। शिवानी द्वारा उकेरे जाने वाले चित्रों का भी बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। समिति के आदेश तक बच्ची चाइल्ड लाइन में रहेगी। अगर कोई पहचान नहीं मिली तो शेल्टर होम भेजे जाने का नियम भी है।
एसओ गभाना मो. असलम बताते हैं कि बच्ची और लाश की पहचान के लिए डीसीआरबी के माध्यम से सभी जिलों और पड़ोसी राज्यों तक में संपर्क किया गया है। दूरदर्शन चैनल पर भी प्रसारण कराया गया है। समाचार पत्रों, पंफलेट भी प्रकाशित कराया गया है। मगर कोई सफलता नहीं मिल रही। फिलहाल बच्ची चाइल्ड लाइन के पास है। हमारी विवेचना जारी है।