महानगर के क्वार्सी इलाके की ओजोन सिटी टाउनशिप के पास मुठभेड़ के बाद दबोचे गए आगरा के दुर्दांत रवि उर्फ टमाटर ने यहां तालानगरी के दुमंजिला मकान और आगरा के शहीद नगर में डकैती की योजना बना रखी थी। तालानगरी में इसी वारदात की रैकी के इरादे से वह विक्रम के साथ रविवार रात तालानगरी जा रहा था।
इसी बीच मुखबिरी व सर्विलांस की सटीक सूचना पर पुलिस घेराबंदी में वह मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया गया। इस दौरान उसका साथी विक्रम भाग जाने में सफल रहा। पुलिस ने इस गिरफ्तारी पर बड़ी राहत महसूस की है। वरना विक्रम और रवि उर्फ टमाटर की जरायम जुगलबंदी पुलिस के नाक में दम किए रहती। अब पुलिस की टीम विक्रम व उसके अन्य साथियों की धरपकड़ में जुटी हुई है। इधर, मेडिकल कॉलेज से इलाज के बाद सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
मूल रूप से आगरा के टीला बालूगंज थाना रकाबगंज का हिस्ट्रीशीटर रवि उर्फ टमाटर उर्फ चाचा उर्फ लाला को पुलिस ने मुठभेड़ में रविवार रात करीब एक बजे क्वार्सी क्षेत्र में ओजोन सिटी टाउनशिप के पास गंदे नाले पर दबोचा था। इस दौरान रवि की जांघ में एक गोली लगी थी, जबकि मुठभेड़ में सर्विलांस टीम का सिपाही एमपी सिंह भी जख्मी हुआ था।
महानगर में लगातार लूट डकैती की वारदातों पर अंकुश के लिए प्रयासरत पुलिस बदमाशों के पीछे लगी थी। इसी बीच मिली सूचना के आधार पर रात जब बदमाशों की घेराबंदी हुई, तब यह सफलता हाथ लगी। घायल रवि ने मेडिकल कॉलेज में पुलिस पूछताछ में स्वीकारा कि अब तक विक्रम निवासी हापुड़ हाल निवासी सारसौल के साथ यहां बन्नादेवी के साईं विहार में मुर्गे का अचार विक्रेता के घर और इंजीनियर कॉलोनी में इंजीनियर के घर डकैती डाली। अब उनकी प्लानिंग तालानगरी में एक दुमंजिला मकान में डकैती की थी। इसी की रैकी के लिए रात वह बाइक से आ रहे थे। दूसरी वारदात उन्हें आगरा के शहीद नगर में करनी थी।
पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकारा कि उसकी मुलाकात बुलंदशहर जेल में रहने के दौरान विक्रम से हुई। विक्रम अलीगढ़ के पेशेवर डकैती अखिलेश उर्फ शिवा का सगा भांजा है। वह मामा के साथ अपराध करते-करते यहीं बस गया है। उसी ने उसे पिछले दिनों साईं विहार की डकैती के लिए बुलाया था। तभी से वह यहां रुका हुआ था। इधर, इस सफलता पर एसएसपी राजेश पांडेय ने एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित के नेतृत्व में काम कर रही सर्विलांस टीम प्रभारी छोटेलाल व उनकी टीम और क्वार्सी पुलिस की पीठ ठोंकी है। वहीं एसएसपी ने घायल सिपाही एमपी सिंह का भी हाल जाना। साथ ही हिदायत दी है कि अब फरार साथियों की तलाश कर उन्हें भी जेल भेजा जाए।
धन्नू सेठ पर की थी फायरिंग, 20 मुकदमे दर्ज
आगरा पुलिस के रिकार्ड के अनुसार रवि उर्फ टमाटर पर लूट, डकैती, रंगदारी वसूली, मारपीट, फायरिंग आदि के 20 मुकदमे दर्ज हैं। इसका आपराधिक रिकार्ड वर्ष 2002 से शुरू हुआ है। इसका कार्यक्षेत्र सर्वाधिक आगरा और मथुरा रहा है। इसका सगा बड़ा भाई डैनी भी दुर्दांत अपराधी और रकाबगंज थाने का ही हिस्ट्रीशीटर था। जिसकी लंबी बीमारी के चलते पिछले दिनों मौत हो गई। परिवार में बीवी बच्चे भी हैं। वैसे तो अब तक रंगदारी वसूली, लूट और डकैती के रूप में ही रवि की पहचान थी। मगर पिछले वर्ष आगरा के सबसे बड़े सर्राफ धन्न कुमार जैन उर्फ धन्नू सेठ पर फायरिंग में रवि का नाम आने के बाद वह सुर्खियों में आया था। यह वारदात इसने सुपारी लेकर की थी। जिसमें इसे जेल भेजा गया था।
राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हैं एमपी सिंह
रवि उर्फ टमाटर से मुठभेड़ में जख्मी सिपाही एमपी सिंह सिविल लाइंस के बहुचर्चित एएमयू जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉ.मन्नान वासनवाला अपहरण के आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराने वाली टीम में शामिल रहे हैं। डॉक्टर वासनवाला को सकुशल वापस कराया गया था। इस मुठभेड़ में एमपी सिंह को राष्ट्रपति पदक तक मिला था। इसके अलावा जिला पुलिस में रहते पिछले वर्ष 50 हजार के इनामी भोला सहित अन्य कई एनकाउंटरों में भी वह शामिल रहे हैं।