महानगर के रामघाट रोड स्थित निरंजनपुरी इलाके में गुरुवार शाम आपसी विवाद में पड़ोसी ने प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर ने लाइसेंसी रिवाल्वर से प्रॉपर्टी डीलर के छोटे भाई पर भी फायरिंग की, मगर वह किसी तरह बच गया। घटना के मूल में लेनदेन का आपसी विवाद और शराब के नशे में अभद्र भाषा का विवाद बताया जा रहा है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। देर शाम मृतक के भाई ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
क्वार्सी कोतवाली क्षेत्र के जनकपुरी से सटे नवादा निरंजनपुरी के धर्मवीर जैन (35) अपने छोटे भाई दीपक जैन के साथ पुस्तैनी मकान में रहते थे। साथ में मां संतोष देवी भी रहती हैं, जो इन दिनों बेटी के पास मेरठ गई हुई हैं। इनसे बड़े सुनील जैन खैर एसबीआई में कर्मचारी हैं और वह अपने परिवार के साथ कपिल विहार कॉलोनी में रहते हैं। धर्मवीर छोटा-मोटा प्रॉपर्टी का व्यापार और ब्याज बट्टे का काम भी करते थे। दीपक आइसक्रीम का व्यापार करता है।
तीनों भाइयों में धर्मवीर अविवाहित थे और गाजियाबाद की किसी युवती से रिश्ते की बात चल रही थी। वाकया शाम करीब 4 बजे का है, जब वह भाई दीपक के साथ घर से निकलकर रामघाट रोड पर आए। गली के बाहर रहने वाले दूसरे प्रॉपर्टी डीलर रमेश चंद्र शर्मा से किसी बात पर उनकी तू-तू मैं-मैं हो गई। उस समय रमेश घर के लिए दूध लेने जा रहा था। कुछ लोगों ने मध्यस्थता कर मामला रफादफा करा दिया। आरोप है कि इसके कुछ ही देर बाद रमेश गुस्से में तमतमाए हुए अपने घर के अंदर से लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल लाया और नवादा के बाहर ही खड़े दोनों भाइयों पर फायरिंग कर दी।
पहली गोली धर्मवीर की गर्दन को चीरती हुई निकल गई। दूसरी गोली से दीपक बाल-बाल बच गया। लोगों ने रमेश को पकड़ने की कोशिश की तो वह भाग गया। आनन-फानन पब्लिक धर्मवीर को मेडिकल कॉलेज लेकर गई। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, सूचना पर सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर क्वार्सी संजीव दुबे भी पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल के मुआयने के बाद आरोपी के घर की तलाशी ली, मगर आरोपी वहां नहीं मिला। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इधर देर शाम मृतक के बडे़ भाई सुनील जैन ने रमेश के नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
इसमें आरोप है कि रमेश सट्टे का काम करता है। भाई धर्मवीर ने इसका विरोध किया था। इसी बात पर कई दिन से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में भाई की हत्या की गई है। छोटा भाई भी गोली से बाल-बाल बच गया। इंस्पेक्टर संजीव दुबे का कहना है कि इस मामले में धारा 307 और 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हमलावर व मृतक पक्ष पड़ोसी हैं। एक ही धंधे से जुड़े हैं। हालांकि परिजनों द्वारा सीधे तौर पर कोई रंजिश नहीं बताई गई। मगर यह जरूर बताया है कि दोनों में डेढ़ साल पहले किसी बात पर कहासुनी हुई थी। तभी से मनमुटाव था। घटना के वक्त दोनों में फिर टकराव हुआ और इसी गुस्से में आरोपी ने घटना को अंजाम दिया है। उसकी तलाश चल रही है।
- संजीव दीक्षित, सीओ तृतीय।