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छेड़छाड़ पर अलीगढ़ में सांप्रदायिक बवाल

Fri, 13 Nov 2015 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
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युवतियाें पर छींटाकशी को लेकर गोवर्धन पूजा के दौरान देहलीगेट थाने के कैलाश गली के मुहाने और उससे सटे सराय मियां में वृहस्पतिवार शाम दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। इस दौरान उनके बीच जमकर पथराव हुआ और बोतलें और गोलियां चलीं। एक परचून की दुकान को भी  निशाना बनाया गया। जबकि कबाड़ की दुकान में खड़ी एक दर्जन से अधिक बाइकें आग के हवाले कर दी गईं।
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तकरीबन ढाई घंटे तक इलाके में अराजकता का माहौल रहा। उसके बाद ही पुलिस इस संकरे इलाके में प्रवेश कर पाई। पुलिस कार्रवाई में देरी को लेकर पुलिस वालों को विरोध का सामना करना पड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलेभर में रेड अलर्ट जारी कर सेक्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। गोलीबारी में घायल दो लोगाें में एक की हालत गंभीर है। उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।


 पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैलाश गली मोहल्ले में एक मकान के चबूतरे पर रोजाना कुछ युवक बैठते हैं। मना करने के बाद भी यह सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को गोवर्धन पूजा के दौरान वहां अन्नकूट का प्रसाद वितरण और बच्चों द्वारा आतिशबाजी का कार्यक्रम चल रहा था। आरोप है कि इस बीच रोजाना चबूतरे पर बैठने वाले युवक वहां आ गए और उन्हाेंने आतिशबाजी की आड़ में युवतियों और महिलाओं फर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं।  
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विरोध करने पर वे गालीगलौज पर उतर आए। इसके बाद माहौल बिगड़ गया और एक पक्ष की ओर से पथराव शुरू हो गया। बोतलें फेंकी गईं। कई राउंड फायरिंग भी की गई। दूसरे पक्ष का कहना है कि शुरुआत पहले पक्ष ने की थी। आतिशबाजी करने वाले युवक नशे में थे। उन्हें बुरा-भला कहा गया। बचाव में उन्होंने पथराव किया। इस बीच पुलिस को खबर दे दी गई।

प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है कि सूचना मिलने पर जब पुलिस फोर्स के साथ एसएसपी रविंद्र गौड़ और एडीएम सिटी अवधेश तिवारी मौके पर पहुंचे  तो तनावपूर्ण स्थिति और पुलिस कर्मियों की कम संख्या को देखते हुए उन्हाेंने संकरे इलाके मे प्रवेश करना उचित नहीं समझा। वे कैलाश गली के बाहर ही रुक गए। बवाल जब अधिक बढ़ गया तो एसएसपी ने शहर का पूरा फोर्स वहां बुलवा लिया। बताते हैं कि एक पक्ष की ओर से उनके सामने ही फायरिंग  की गई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस कप्तान का भी घेराव किया।

फोर्स के पहुंचने के बाद हीे सरायमियां की ओर पुलिस वाले बढ़े । पुलिस के साथ आरएएफ, पीएसी, दमकल विभाग की कई गाड़ियां भी मौके पर बुला ली गई। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नेताओं की मदद से दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया। माहौल की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी गोविंद अग्रवाल भी मौक पर आ गए। सूचना के बाद एक राजनीतिक दल के लोग भी वहां आ गए। उधर, मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर तारिक मंसूर का कहना है कि अस्पताल में आए घायलों का उचित ईलाज किया जा रहा है।

--बच्चों के बीच हुए विवाद के चलते दो समुदायों में झगड़े के दौरान पथराव-फायरिंग हुई है। कुछ लोगों को चोट भी लगी है, जिनका इलाज कराया जा रहा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रित है। लोगों को घरों में भेजने का प्रयास जारी हैं। पूरे इलाके को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। जांच के आधार पर उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-गोविंद अग्रवाल डीआईजी
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