दो लाख रुपये के गहने एक साथ खरीदने पर पैन कार्ड की अनिवार्यता लागू करने का पूरे देश में जबरदस्त विरोध हो रहा है। आल इंडिया सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर हुई देशव्यापी बंदी में अलीगढ़ का बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा।
सर्राफा बाजार, फूल चौक, जयगंज, ऊपरकोट, रेलवे रोड, रामघाट रोड सहित अन्य बाजारों में ज्वैलर्स प्रतिष्ठानों में तालाबंदी रही। सराफा बाजार में विरोध में धरनारत रहे दुकानदार ग्राहकों को समझाबुझा कर वापस भेजते रहे। ग्राहकों को गुरुवार को बाजार आने और खरीददारी करने का आमंत्रण दिया गया।
बंदी से लगभग चार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। गुजरे कुछ दिनों से सोने के भाव औसत हैं और सहालग के कारण बाजार ग्राहकों से गुलजार है। ऐसे में हड़ताल से कारोबार प्रभावित हुआ है। अलीगढ़ सराफा कमेटी के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने कहा कि पैन कार्ड ग्राहक को कम खरीददारी करने पर मजबूर करेगा, जिससे कारोबारी नुकसान और बढ़ेगा।
सोना महंगा होता है इसलिए सामान्य घरों में एक शादी में दो लाख रुपये के जेवर बन जाना आम बात है। जिसमें केवल चढ़ावा बन पाता है। कमेटी के महामंत्री विनोद कुमार और स्वर्णकार संघ के प्रवक्ता रवि कुमार ने कहा है कि केंद्र सरकार के इस फैसले से ग्राहकों के मन में डर बैठ जाएगा और पूरा कारोबार प्रभावित होगा। इसको तुरंत वापस लिया जाए। कम से कम पांच लाख की खरीददारी को इससे अलग रखा जाए। इसके बाद पैनकार्ड की अनिवार्यता लागू हो।
कारोबारियों ने इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को संबोधित ज्ञापन सांसद सतीश गौतम को सौंपा है, जिसमें राहत देने की मांग की गई है।