सांप्रदायिक दृष्टि से अतिसंवेदनशील महानगर में रोज-रोज की चिकचिक से आजिज पुलिस प्रशासनिक अमला इस बार सख्त निर्णय लेता दिख रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए इस बार पाबंद करने की रकम पचास हजार और एक लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये की जा रही है। ताकि किसी ने अगर कानून तोड़ा और उसका मुचलका भरवाना पड़ा तो उसे 15 लाख रुपये की मालियत का इंतजाम करना होगा।
अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम का मुचलका सुनते ही वह शायद किसी तरह की खुराफात करने से बचेगा। इसके लिए पिछले दो साल के हर छोटे-बड़े झगड़े का ब्योरा एकत्रित किया जा रहा है और इन झगड़ों में जितने भी लोगों के नाम आए हैं, उन सभी को इतनी बड़ी रकम से पाबंद करने की प्लानिंग है।
महानगर में वैसे तो वर्ष 2006 के बाद कोई बड़ी सांप्रदायिक घटना नहीं हुई। मगर हर महीने-दो महीने पर छोटा-मोटा झगड़ा होता है, जिसके जरिये अमन बिगाड़ने की कोशिश होती है। इससे शहर भर में तो तनाव रहता ही है। वहीं पुलिस प्रशासनिक मशीनरी को भी तगड़ी कवायद करनी पड़ती है।
इसी झंझट से मुक्ति के लिए इस बार मशीनरी ने तय किया है कि दो साल के झगड़ों में शामिल रहे लोगों की सूची बनाकर उनको मजिस्ट्रेट के माध्यम से 107/16 के तहत 15-15 लाख रुपये से पाबंद करा दिया जाए। उन्हें इस पाबंदी नोटिस का मुचलका भरवाना होगा। मालियत का इंतजाम करना होगा और जब भी किसी विवाद में उनका नाम आएगा तो उस मालियत की संपत्ति को जब्त कर लिया जाएगा।
बाबरी मंडी में अब किसी बाहरी व्यक्ति को अगले 15 दिन तक एडीएम सिटी की बिना अनुमति के प्रवेश नहीं मिल पाएगा। इस संबंध में एडीएम सिटी ने धारा 144 के तहत आदेश जारी किया है। साफ-साफ कहा है कि अगर किसी ने बिना अनुमति प्रवेश किया तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उस पर कार्रवाई होगी।
एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा है कि बाबरी मंडी क्षेत्र में सोमवार को हुई घटना के बाद पता चला कि कुछ बाहरी व्यक्ति यहां आकर क्षेत्र की शांति को भंग कर सकते हैं। जिससे अशांति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
इसलिए बाबरी मंडी में प्रकाश मुंशी के मकान से बजरिया की ओर, जयगंज डाक खाना से पठान मोहल्ला की ओर, चंदन शहीद चौराहे से घास की मंडी, गोश्त मार्केट और टीपीटी तिराहे की ओर, हाजी चांद वाली गली से इमाम बाड़ा की तरफ, शनिचर की पैंठ से शेर सिंह के मकान, सराय कुतुब बाबरी मंडी की ओर बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। यह आदेश 1 नवंबर से आगामी 15 दिन तक प्रभावी रहेगा। इसी के साथ यह भी आदेश जारी किया है कि यदि बाहरी व्यक्ति को वहां प्रवेश करना है तो उसे उनकी अनुमति लेनी पड़ेगी।