शुक्रवार को भरी दुपहरी 12 बजे जट्टारी कस्बा गोलियाें की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। बाइक पर आए छह हमलावरों ने नगर पंचायत अध्यक्ष मनवीर चौधरी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमलावरों से बचते हुए भागे नगर पंचायत अध्यक्ष ने भी लाइसेंसी पिस्टल से जवाबी फायरिंग शुरू कर दी।
उधर आसपास के लोगों ने भी मोर्चा संभाल लिया जिससे हमलावर भाग निकले। जानलेवा हमले में नगर पंचायत अध्यक्ष तो बाल बाल बच गए लेकिन उनके समर्थक भड़क उठे। पुलिस चौकी पर ही एसओ, सीओ को घेर लिया। पलवल मार्ग पर जाम कर सड़क पर बैठ गए।
उधर नगर पंचायत अध्यक्ष पर हमले की खबर मिलते ही कई थानों का फोर्स जट्टारी भेज दिया गया। मनवीर चौधरी के आवास पर नेताओं, पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। शाम में पहुंचे एसएसपी ने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया जिसके बाद सड़क जाम खुल सका। भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दिनेश एडवोकेट सहित चार नामजद एवं दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बताते हैं कि पिछले 15 दिन से चिकनगुनिया से पीड़ित जट्टारी नगर पंचायत मनवीर चौधरी पिसावा रोड स्थित अपने घर के समीप पड़ी चारपाई पर आराम कर रहे थे। तीन बाइक पर छह हमलावर आए। दो ने मनवीर पर पिस्टल तान दी। दो दुकान के बाहर एवं दो सड़क किनारे खड़े हो गए।
चेयरमैन की आंख खुली तो वह हमलावरों पर झपटते हुए पिसावा रोड की ओर भागे। पीछे से हमलावरों ने उन पर फायरिंग की। मनवीर चौधरी की आवाज पर स्थानीय निवासियों ने मोर्चा संभाल लिया। हमले के बाद पुलिस के प्रति लोगों में खासा गुस्सा था। जट्टारी पुलिस चौकी इंचार्ज पहले ही लोगों के गुस्से को देखते हुए चौकी से निकल गए थे। चौकी में लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लोगों ने टप्पल पुलिस पर हमलावरों के खिलाफ पूर्व से ही ढ़ुलमुल रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। अलीगढ़ पलवल रोड जाम कर दिया। करीब तीन घंटे बाद एसएसपी अलीगढ़ भी मौके पर पहुंचे।
समर्थकों ने चेयरमैन को 24 घंटे सुरक्षा, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के आश्वासन पर ही जाम खोला। मनवीर सिंह चौधरी की ओर से भाजपा नेता दिनेश एडवोकेट, सचिन, धर्मेंद्र निवासी दमुंआका, पप्पू पुत्र होती सिंह निवासी बाजौता व दो अज्ञात के खिलाफ थाना टप्पल में रिपोर्ट दर्ज करायी है।
नगर पंचायत चेयरमैन चौधरी मनवीर सिंह ने अपनी जान का खतरा बताते हुए दस दिन पहले ही एसएसपी अलीगढ़ से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी। उनके अनुसार एसएसपी ने उनकी आशंका को गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार को हमला हो गया। कहा कि अगर उनकी हत्या होती है तो जिम्मेदार पुलिस, प्रशासन होगा। कहा कि सभी आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी न हुई तो फिर पुलिस चौकी घेरेंगे।
जिस समय हमला हुआ उस समय मनवीर के घर के पास के एक गेस्ट हाउस में बीजेपी की सभा चल रही थी। जिसमे नामजद आरोपी अधिवक्ता दिनेश और सांसद सतीश गौतम भी थे। आरोप है कि दिनेश ने उसी सभा से बैठकर मनवीर की रैकी कराई और अपने भतीजे आदि को बुलाकर हमला करा दिया।