नगला मल्लाह में मजदूर की हत्या के दूसरे दिन भी कई थानों का फोर्स तैनात
तनाव के बीच कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। महानगर के क्वार्सी के नगला मल्लाह में मंगलवार दोपहर मजदूर युवक की हत्या और आरोपियों के घरों पर तोड़फोड़-आगजनी की घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद जब शव पहुंचा तो और ज्यादा स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मगर कड़े सुरक्षा घेरे व भारी पुलिस-बल की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इधर, सुबह मेयर व महानगर अध्यक्ष की अगुवाई में भाजपा का प्रतिनिधि मंडल भी वहां पहुंचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग उठाई। बाद में इस संबंध में प्रतिनिधि मंडल डीआईजी व एसएसपी से भी मिला। डीएम से मुलाकात कर भाजपाइयों ने बिसहड़ा का उदाहरण देते हुए 45 लाख के रुपये के मुआवजे की याद दिलाई। जिस पर डीएम ने कहा कि वह केवल 35 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता कर सकते हैं। इस पर भाजपाई अपनी नाराजगी जताते हुए वापस आ गए।
नगला मल्लाह निवासी पीओपी लगाने की मजदूरी करने वाले युवक रामअवतार की मंगलवार सुबह घर से बुलाकर लाए कुछ दोस्तों ने हत्या कर दी थी। उसकी लाश व उसके पास एक तमंचा क्वार्सी बाईपास पर मिला था। इस घटना के बाद एक तरफ जहां परिजनों ने मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में जबरदस्त हंगामा किया था और शाम को नगला मल्लाह में एक आरोपी के दो घरों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी थी। इसके बाद से ही वहां तनाव बना हुआ है। मामला दो पक्षों में बंट गया है। आरोपी पक्ष के घरों पर ताले लटके हुए हैं और उनके आस-पड़ोस के लोग भी डरे सहमे हुए हैं। इधर, सुबह मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष दीपक मित्तल, प्रदीप पेंटर, गुनीत मित्तल, पुष्पेंद्र सिंह जादौन आदि भाजपाइयों का प्रतिनिधि मंडल मौके पर पहुंचा। जहां परिजनों से वार्ता के बाद मौजूद पुलिस अधिकारियों से आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की आवाज उठाई। साथ ही कहा कि अगर यह कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन को भाजपा बाध्य होगी। साथ ही परिवार की हालत देख 5 लाख रुपये मुआवजे का मुद्दा भी उठाया। बाद में इस मसले पर भाजपाई डीआईजी व एसएसपी से मिले। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह जिला प्रशासन व शासन स्तर पर वार्ता कर इस मुद्दे पर ठोस पहल करेंगे। दोपहर में जब शव पहुंचा तो करुण क्रंदन के चलते माहौल और ज्यादा बदल गया। मगर पुलिस बल की मौजूदगी में कड़े सुरक्षा घेरे में शव का अंतिम संस्कार कराया गया। इस मौके पर दिन भर सीओ तृतीय राजीव सिंह के अलावा इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, एसओ क्वार्सी, एसओ बन्नादेवी, एसओ जवां, एसओ लोधा, एसओ देहली गेट, पीएसी, क्यूआरटी आदि मौजूद रहे। सीओ तृतीय के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। कुछ लोगों के परिजनों को हिरासत में लिया गया है। बाकी इलाके में माहौल भी सामान्य है।