हाथरस पुलिस के पीछे लगे होने के कारण राजेश टोंटा गैंग का कुख्यात शूटर मोना ठाकुर बृहस्पतिवार को यहां न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया। वह टप्पल के 2017 के एक अपहरण के बाद हत्या के मुकदमे में एडीजे-10 के न्यायालय में हाजिर हुआ, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में लेकर उसे अस्थायी जेल आईटीएम कॉलेज भेज दिया गया।
बता दें कि हाथरस जंक्शन थाने का हिस्ट्रीशीटर व थाने की टॉप-10 सूची में शामिल मोना हाथरस से गैंगेस्टर में वांछित था और हाथरस पुलिस उसे लगातार तलाश रही थी। पिछले दिनों कुख्यात विनोद जाट से नजदीकियों के इनपुट पर इंस्पेक्टर हाथरस जंक्शन विनोद कुमार ने उसके पोस्टर भी गांव व क्षेत्र में चिपकवाए थे।
मोना ठाकुर पुत्र रहीशपाल सिंह निवासी नगला इमलिया हाथरस जंक्शन हाथरस पर वर्ष 2017 में टप्पल में अकराबाद के एक युवक का अपहरण कर हत्या किए जाने के मुकदमे में आरोपी था। यह मुकदमा एडीजे-10 के न्यायालय में विचाराधीन है। बृहस्पतिवार को इसी मुकदमे में जमानत तुड़वाकर मोना अदालत में हाजिर हो गया, जहां से न्यायालय ने उसे जेल भेजते हुए 13 अगस्त को तलब करने की तारीख नियत की है। इधर, मोना के अलीगढ़ न्यायालय में हाजिर होने की खबर जैसे ही हाथरस पुलिस को लगी तो वहां से जानकारी जुटाई जाने लगी।
हाथरस पुलिस की सूचना पर अलीगढ़ पुलिस ने यहां जानकारी जुटाई। तब तक मोना दाखिल हो चुका था। हाथरस पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वह मथुरा में गैंगवार में मारे गए हाथरस के चर्चित अपराधी राजेश टोंटा गैंग का शूटर है। वह राजेश टोंटा संग बृजेश मावी हत्याकांड में भी शामिल था।
इन दिनों वह हाथरस से एक गैंगेस्टर के मुकदमे में वांछित था। जिसे लेकर इंस्पेक्टर हाथरस जंक्शन विनोद कुमार लगातार उसे तलाश रहे थे। विनोद कुमार ने पिछले दिनों उसके इनामी पोस्टर भी गांव व क्षेत्र में लगवाए थे। पुलिस के इसी दबाव के चलते मोना कोर्ट में हाजिर होने की फिराक में था। मगर पुलिस की सख्ती के चलते मौका नहीं मिल पा रहा था। बता दें कि विनोद कुमार यहां क्वार्सी, देहली गेट, सासनी गेट आदि थानों में तैनात रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मोना उनके थाने में हिस्ट्रीशीटर नंबर 19-ए पर दर्ज टाप-10 अपराधी है। उस पर हत्या, आर्म्स एक्ट, अपहरण, हमला, चौथ वसूली आदि के 9 मुकदमे हाथरस जंक्शन, क्वार्सी, मथुरा, कोतवाली हाथरस, टप्पल आदि में दर्ज हैं। अब उसे रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा।