गोवर्धन पूजा की देर रात कुछ खुराफातियों की नादानी ने महानगर के देहली गेट क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले खटीकान और सराय मियां के वाशिंदों में जो नफरत पैदा की, उसे भुलाकर फिर से बेहतर रिश्तों के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं। इसी प्रयास के परिणाम हैं कि दोनों पक्षों की सहमति के बाद इस बलवे में दर्ज अनगिनत मुकदमों को खत्म कराने की पहल शुरू हो गई है।
दोनों पक्षों से सहमति के बाद पुलिस-प्रशासनिक स्तर पर भी निर्णय लिया गया है कि पेशबंदी में दर्ज कराए गए 8 मुकदमे खत्म कर दिए जाएं। अब सिर्फ दो मुकदमे ही चलेंगे, जिनमें एक गौरव की हत्या का और दूसरा पुलिस स्तर से दर्ज कराया गया बलवे का मुकदमा है। इस मुकदमे में उन्हीं असल आरोपियों को सजा दिलाने की कोशिश होगी, जो वास्तव में नापाक कोशिश के जिम्मेदार हैं। इसे एक सफल प्रयास माना जा रहा है और पुलिस भी राहत महसूस कर रही है।
12 नवंबर की देर रात रात आठ बजे हुए बलवे में पहला मुकदमा पुलिस की ओर से लिखा था और दूसरा बलवे में मारे गए गौरव के परिजनों की ओर से लिखवाया गया। इसके अलावा आठ अन्य मुकदमे पेशबंदी में या फिर एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए बचने के लिए लिखवाना शुरू हुआ। इन्हीं में मीट निर्यातक हाजी जहीर व उनके परिवार डकैती का मुकदमा भी था।
सर्विलांस से पता चला कि जहीर के दो बेटे तो शहर से बाहर थे। कुल मिलाकर दोनों ओर से मुकदमों से बचने के लिए और माहौल सामान्य करने की दिशा में प्रयास शुरू हुए। जिसके बाद अधिकारियों से चर्चा के बाद यह तय हो गया है कि आठ मुकदमे खत्म कर दिए जाएं। एसओ देहली गेट विनोद कुमार के अनुसार इस संबंध में अधिकारियों से भी सहमति मिल गई है और मुकदमे खत्म करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। जल्द ही मुकदमे निपटा दिए जाएंगे। इन आठ मुकदमों के खत्म होने पर करीब 50 लोगों को राहत भी मिलेगी।