कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान
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कोतवाली क्षेत्र के गांव खानपुर में कर्ज में डूबे किसान ने अपने खेत में खड़े पापुलर के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। उस पर बैंक का 70 हजार रुपये जबकि साहूकारों का तीन लाख रुपये का कर्ज था। इधर पट्टे पर लिए गए खेतों में धान की फसल भी सिंचाई के अभाव में खराब हो रही थी। परिजनों के अनुसार इसी चिंता में उसने आत्महत्या कर ली। उसके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां व दो बेटे हैं।
खानपुर निवासी किसान मुन्नालाल (40) पुत्र देवी सहाय के पास स्वयं के चार बीघे खेत थे, जबकि करीब छह बीघे खेत पट्टे पर ले रखे थे। उसने धान और मक्का की फसल बो रखी थी। पत्नी ममता के अनुसार पिछले कई सालों से पट्टे पर खेती करते आ रहे थे। फसल में पैदावार कम होने से कर्ज बढ़ता जा रहा था। शनिवार को मुन्नालाल धान की फसल में दवा डालने गए थे।
सिंचाई के अभाव में फसल को सूखते देख वह बेहद परेशान था। कर्ज अदा करने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही थी, जिससे वह चिंतित था। इसी में खेत पर खड़े पापुलर के पेड़ में चुनरी से फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। आसपास खेतों में पानी लगाने गए किसानों की नजर पड़ी तो शोर मच गया। लोगों की भीड़ लग गई। रोते बिलखते हुए परिजन मौके पर पहुंचे।
तहसीलदार राजेश कुमार के आदेश पर नायब तहसीलदार अजीत कुमार, हल्का लेखपाल चमन अहमद व रवि कुमार भी पहुंचे और जानकारी ली। कोतवाली से एसआई रजत शर्मा व विनीत सिंह भी पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मुन्नालाल के तीन बेटियां सुनीता, संगीता, खुशबू व दो बेटे सीपू और धर्मेश हैं। वह बेटी सुनीता की शादी की भी तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दुनिया को अलविदा कह दिया।
किसान के आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। राजस्व कर्मियों से रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवार को शासन से नियमानुसार सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
- ललित कुमार, एसडीएम।