जम्मूतवी से टाटानगर जाने वाली मुरी एक्सप्रेस से सोमवार सुबह अलीगढ़ जंक्शन पर जम्मू-कश्मीर का एक संदिग्ध युवक पकड़ा गया है। युवक के पास ई-रिक्शा की बैटरी का चार्जर देख ट्रेन की जनरल बोगी में सवार यात्रियों ने उस पर संदेह जताया था। इसी सूचना पर आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने उसे यहां उतार लिया। खबर पाकर खुफिया तंत्र भी हरकत में आ गया और स्टेट व सेंट्रल एलआईयू की टीम भी उससे पूछताछ करने जीआरपी थाने पहुंची। देर रात तक उससे पूछताछ जारी रहा। युवक जम्मू के रामवन जिले का रहने वाला है। फौरी जांच में पुलिस उसके मानसिक रूप से कमजोर होने का अंदेशा जता रही है। मगर अभी पूरी तरह से संदेह हटा नहीं है। इसलिए उसके परिवार को यहां बुलाया गया है।
पकड़े गए युवक की पहचान फैयाज अहमद नाईक (24) पुत्र शमसुद्दीन नाईक निवासी तराना खड़ी, थाना खड़ी, रामवन, जम्मू-कश्मीर के तौर पर हुई है। युवक दिल्ली से ट्रेन की जनरल बोगी में सवार हुआ था। यात्रियों की सूचना पर गाड़ी के सुबह 7:30 बजे के करीब अलीगढ़ जंक्शन पहुंचते ही उसे उतारा गया। तलाशी में उसके पास से ट्रेन का टिकट भी नहीं मिला है। पूछताछ में वह अनर्गल बातें कर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। बार-बार अपनी बातों से पलट रहा। युवक ने पहले खुद को एएमयू में पीएचडी का छात्र बताया, फिर देवबंद से पढ़ाई करने की बात कहने लगा। उसने बताया कि वह आगरा जाने को ट्रेन में सवार हुआ था। इसके बाद लखनऊ जाने की बात कहने लगा। साथ ही उसने एएमयू के एक क्लर्क को भी अपना परिचित बताया है।
एएमयू की बात सामने आने पर अमुवि छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर को भी वहां बुलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने भी युवक से लंबी पूछताछ की। मगर, सफलता नहीं मिली। बाद में अफसरों ने युवक द्वारा बताए उसके घर के पते की पुष्टि के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क किया है। हालांकि उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। जम्मू पुलिस के जरिये युवक के परिजनों से भी बात की गई है। जीआरपी के अनुसार परिजन अलीगढ़ के लिए चल दिए हैं। मंगलवार तक उनके यहां पहुंचने की संभावना है। जीआरपी इंस्पेक्टर राजेश कुमार के अनुसार युवक के परिजनों ने बताया कि वह अपने घर से जमात के साथ एक जनवरी को लखनऊ के लिए निकला था। वह जमात से बिछड़ गया है। उसकी दिमागी हालत भी खराब है। उसके पास से चोरी के दो मोबाइल, बैटरी चार्जर सहित एटीएम कार्ड, आधार कार्ड डायरी बरामद हुई है।
जीआरपी द्वारा ट्रेन में पकड़े गए जम्मू के युवक के नाम पते आदि का सत्यापन जीआरपी द्वारा करा लिया गया है। अभी तक कोई संदेह सामने नहीं आया है। परिजनों को बुलाया गया है। उनके आने पर आगे की कार्यवाही पूरी की जाएगी।
आकाश कुलहरि, एसएसपी
सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं, युवक को परिवार आने पर मिलेगी क्लीनचिट
मुरी एक्सप्रेस में पकड़े गए जम्मू-कश्मीर के युवक से अब तक की पूछताछ व परिवार से हुई बातचीत में पहले स्तर पर उसके संदिग्ध होने का कोई संकेत तो नहीं निकला। मगर सुरक्षा एजेंसियों का संदेह है कि युवक के संबंध किसी देश विरोधी संगठन से भी हो सकते हैं।
उसे एक हैंडलर के तौर पर भी देखा जा रहा है। साथ ही उसकी फेसबुक एकाउंट से भारत के कई शहरों के फोटो मिलने पर उसके द्वारा रैकी करने की भी बात से गुरेज नहीं किया जा रहा। वहीं बातचीत में कभी खुद को पीएचडी छात्र बताता है तो कभी मजदूर और कभी बीए का छात्र बताता है। इसलिए उसके मानसिक रूप से कमजोर होने की बात पर पूर्ण रुप से यकीन नहीं कर रहे हैं।
पूछताछ में सामने आया है कि फैयाज अहमद सहारनपुर के देवबंद में भी रहा है। साथ ही कुछ दिन के लिए दिल्ली में भी रहा है। अंदेशा है कि कहीं पूछताछ में वह खुद को पागल के तौर पर दर्शाने की कोशिश कर रहा हो।
अरबी और अंग्रेजी भाषा पर है अच्छी पकड़
पकड़े गए जम्मू के युवक से जब अमुवि छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर ने पूछा कि वह किस विषय में पीएचडी कर रहा है तो उसने अरबी से पीएचडी करने की बात कुबूल की। बात करने के दौरान अच्छी अरबी और अंग्रेजी भाषा बोलने लगा। ऐसे में यह कहना भी उचित नहीं है कि वह पढ़ा लिखा नहीं है। खुद सज्जाद ने यह बात पूछताछ एजेंसियों के सामने स्वीकारी कि वह कुछ तो छिपा रहा है। फिलहाल जीआरपी को उसके परिवार के आने का इंतजार है।