जीआरपी सिपाहियों द्वारा बुधवार को युवक को बंधक बनाकर लूटपाट करने के मामले में दिल्ली के बड़ौदा हाउस (रेलवे मुख्यालय) से मामले की अपने स्तर से जांच करने के लिए गुरुवार को टीम आई।
भाजपा नेताओं ने जांच टीम को बताया कि जीटी रोड साइट में पूरी वाउंड्री टूटी हुई है। जीआरपी और आरपीएफ की मिली भगत से रेलवे परिसर में अवैध ढकेलें लगी हुई हैं।
शाहकमाल रोड की ओर से पूरा स्टेशन ही खुला हुआ है। इनकी मिली भगत से अवैध वेंडर गंदा पानी ही यात्रियों को मननाने दाम पर बेचते हैं। रेलवे की पटरियों के बीच ही मादक पदार्थों की खरीद फरोख्त भी होती है। इस काम में बच्चे भी शामिल हैं। ईएमयू ट्रेनों में व्यापारियों से चेकिंग के नाम पर प्रति नग वसूली की जाती है। सामान ला रही महिलाओं से भी अभद्रता की जाती है।
जांच टीम ने भाजपा नेताओं की पूरी बात सुनी। साथ ही भाजपा नेताओं ने स्टेशन परिसर में ले जाकर जांच टीम को फोटोग्राफी भी कराई। टीम अपने साथ सभी विवरण लेकर चली गई है। यह सभी विवरण रेलवे अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
विधायक ने मामला सीएम को पहुंचाया
अलीगढ़। शहर विधायक संजीव राजा ने बुधवार को युवक को बंधक बनाकर जीआरपी के सिपाहियों द्वारा लूटपाट करने की घटना से गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया है। साथ ही भाजपा नेताओं ने भी इस मामले की कटिंग पीएमओ को भेज दी हैं।
पूछताछ के नाम पर पीड़ित को धमकाया
जीआरपी सिपाहियों द्वारा बुधवार को बंधक बनाने और लूट का शिकार हुए पीड़ित युवक आसिफ से पूछताछ करने के लिए गुरुवार को सीओ जीआरपी, कासगंज रविकांत पाराशर अलीगढ़ आए। यहां पर उन्होंने पीड़ित से बंद कमरे में पूछताछ की। इस दौरान जीआरपी की पूरी फौज पीड़ित को धमकाने में जुटी रही। हालांकि पीड़ित ने सीओ को अपने साथ हुई पूरी घटना बताई। साथ ही बताया कि जिन सिपाहियों ने घटना को अंजाम दिया है। वह यहां स्टेशन पर ही नहीं हैं।
इसके अलावा सीओ ने सीसीटीवी फुटेज और स्टेशन के अन्य व्यक्तियों से भी जानकारी की। दूसरी ओर भाजपा नेता करन वार्ष्णेय किंसू, पंकज सैनी, अमित चंद्रा अप्पू आदि ने इस पूछताछ को नाटक करार देते हुए पीड़ित को धमकाने का प्रयास बताया है। भाजपा के इन नेताओं ने बताया कि बंद कमरे में पूछताछ करना जीआरपी की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लाता है। इस मामले की शिकायत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की गई थी। लेकिन उनको भी सीओ जीआरपी कासगंज के आने की सूचना नहीं दी गई। जबकि बड़ौदा हाउस मुख्यालय से आई जांच टीम ने भाजपा के शिकायत करने वाले नेताओं से संपर्क किया।